इंदौर में शराब ठेकेदार गोली मारने वाले 6 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार

घटना के बाद अर्जुन ठाकुर के समर्थको ने सिंडिकेट के ऑफिस पर जमकर तोड़फोड़ की है। फ़िलहाल पुलिस जांच कर रही है।

इंदौर, आकाश धोलपुरे। इंदौर (Indore) में दिनदहाड़े शराब ठेकेदार (liquor contractor) को कुछ गुंडों ने गोली मार दी। घटना की जानकारी लगते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वारदात इंदौर के सत्यसांई चौराहा स्थित सिंडिकेट के ऑफिस के सामने हुई। घायल शराब ठेकेदार अर्जुन पिता वीरेंद्रसिंह ठाकुर है। दोपहर में लोगों ने यहां गोली चलने की आवाज सुनी, तो सहम गए। वे कुछ समझते तब तक हमलावर भाग गए थे। घायल अर्जुन को राजश्री अपोलो अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। गोली अर्जुन के पेट में लगी है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों से पूछताछ की। बताया जाता है कि शराब दुकान की लोकेशन को लेकर विवाद चल रहा है।

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यह है मामला
दरअसल मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर में दिनदहाड़े शराब ठेकेदार को बदमाशो ने दिनदहाड़े गोली मार दी। जिसके बाद गंभीर हालत में घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां घायल ठेकेदार की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं प्रारंभिक तौर पर पता चला कि घायल अर्जुन की एबी रोड स्थित रघुनाथ पेट्रोल पंप के सामने शराब दुकान है। जिसे लेकर कई महीनों से शराब सिंडिकेट से जुड़े लोगों से विवाद चल रहा था। दो दिन पहले भी इसे लेकर विवाद हुआ था। यह दुकान पूर्व में अर्जुन के पिता द्वारा संचालित की जाती थी। पिता के निधन के बाद अर्जुन ने जब से दुकान संभाली, तभी से विरोधी उस पर दुकान देने के लिए दबाव बना रहे थे। बदमाश इस लोकेशन को हासिल करना चाह रहे थे। दरअसल, यह शराब दुकान शहर की सबसे अच्छी लोकेशन पर होने के साथ ही यहां से सबसे ज्यादा रेवेन्यू मिलता है। जिसके चलते बदमाश अन्य पक्ष पर पील पड़े थे। ये ही वजह है कि इसे लेकर कई दिनों से गैंगवार की स्थिति बन रही थी।

सिंडिकेट के ऑफिस पर जमकर तोड़फोड़ की
वहीं लोगों के मुताबिक घटना के दौरान कुछ कुख्यात गैंगस्टर भी वहां थे। मामले में पुलिस गैंगस्टर सतीश भाऊ, हेमू ठाकुर, चिंटू ठाकुर सहित अन्य की भूमिका की जांच कर रही है। उधर, घटना के बाद अर्जुन पक्ष के गुस्साए लोग सिंडिकेट के ऑफिस पहुंचे और पथराव किया। सिंडिकेट के ऑफिस पर जमकर तोड़फोड़ की। इसके चलते बिल्डिंग के अन्य ऑफिस बंद कर दिए। घटना के बाद घटना  स्थल और हॉस्पिटल बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। एसएसपी राजेश रघुवंशी ने बताया कि पूरी घटना की जांच की जा रही है।

बता दे कि घटना को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही है। कुछ लोगों का कहना है कि तीन-चार फायर किए गए है और यह भी पता चला है कि एक मामले में समझौते के लिए अर्जुन को बुलवाया गया था। इस दौरान बात बढ़ी और गोली मार दी गई। फिलहाल, अभी विवाद कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। लेकिन पुलिस हर बिंदु पर तफ्तीश कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाल रही है ताकि घटना का खुलासा हो सके।

मामले में नरोत्तम मिश्रा ने दिए निर्देश
अब मामले में प्रदेश के गृह मंत्री एवं इंदौर के प्रभारी मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने इंदौर के आई जी हरिनारायण चारी मिश्रा से घटनाक्रम की विस्तृत ली। और क़ानून व्यवस्था की स्थिति तत्काल नियंत्रण में करने के निर्देश दिए। वहीं इंदौर के पुलिस महानिरीक्षक हरिनारायण चारी मिश्रा की सख़्ती के बाद आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। साथ ही कुछ लोगों के थाने में जाकर सरेंडर करने की सुचना भी मिल रही है। घटनाक्रम के आरोपी चिंटू ठाकुर, हेमू ठाकुर, पिंटू भाटिया, अंजुमन अय्यर, सतीश भाऊ, सहित दयाराम को गिरफ्तार किया गया है। वहीं घटनाक्रम का मुख्य आरोपी एपी सिंह फरार चल रहा है।

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