जबलपुर, संदीप कुमार। प्राइवेट स्कूलों (private schools) की हड़ताल (strike) के मामले में हाई कोर्ट (High Court) में लगी याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की तरफ से लगाई गई इस याचिका में निजी स्कूलों की हड़ताल को असंवैधानिक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई है। और मामले में सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को 27 जुलाई तक जवाब पेश करने के लिए कहा है।

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याचिका में इस बात का जिक्र किया गया है कि पहले ही हाइकोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की ट्यूशन फीस तय कर दी गई है। उसके बावजूद निजी स्कूल हड़ताल कर रहे हैं। जो पूरी तरह असवैधानिक है। याचिका में कहा गया है कि निजी स्कूल अपने हिसाब से फीस वसूल करते हैं उस पर सरकार का कोई कंट्रोल नहीं है। लिहाजा यह हड़ताल गैर संवैधानिक है जिस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए । आपको बता दें कि कोरोना के चलते सारे स्कूल बंद है ऐसे में हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि निजी स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा कोई चार्ज नहीं कर सकते। बावजूद इसके निजी स्कूल हड़ताल कर रहे हैं जो कोर्ट के आदेश की अवहेलना भी है। मामले में सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को 27 जुलाई तक जवाब पेश करने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।

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