केन्द्र की मध्य प्रदेश को बड़ी सौगात, इन जिलों में जल्द शुरु होगी यह सुविधा

यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है जो मध्य प्रदेश के साग़र, विदिशा, अशोकनगर और गुना सहित आसपास के ज़िलों के कोविड मरीजों के लिए बड़ी सौग़ात साबित होगा।

मध्य प्रदेश

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना संकटकाल (Corona Crisis) मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के लिए खुशखबरी है। आने वाले दिनों में 350 बेड वाले मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी एवं नरसिंहपुर में सर्वसुविधायुक्त कोविड केयर सेंटर शुरु किए जाएंगे। वही 11 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट लगेंगे और प्रदेश को अतिरिक्त ऑक्सीजन टैंकर भी मिलेंगे। मध्य प्रदेश को अतिरिक्त क्राइयोजैनिक ऑक्सीजन टैंकर भी प्रदान किए जाएंगे। इस बात की पुष्टि केन्द्रीय इस्पात, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने की है।

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मध्य प्रदेश पहुंचे केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) के साथ मिलकर मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से यह बातें कहीं।धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा है कि मोइल कंपनी के माध्यम से प्रदेश के मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी एवं नरसिंहपुर जिले में सर्वसुविधायुक्त कोविड केयर सेंटर बनाए जाएंगे, जिनमें ऑक्सीजन लाइन, ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर के साथ वेटीलेटर्स की भी सुविधा होगी। साथ ही मध्य प्रदेश में 11 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट शीघ्र लगाए जाएंगे।

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धमेन्द्र प्रधान ने बताया कि मंडला जिले में 100 बिस्तरीय, बालाघाट में 100 बिस्तरीय, डिंडौरी में 50 बिस्तरीय, सिवनी में 60 बिस्तरीय तथा नरसिंहपुर में 40 बिस्तरीय सीसीसी बनाए जा रहे हैं, जिन पर ऑक्सीजन लाइन की सुविधा के अलावा हर बैड पर अधिक क्षमता के ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर भी लगाए जाएंगे। साथ ही कुल 50 वेन्टीलेटर भी लगाए जाएंगे। बीना में बॉटलिंग प्लांट भी शुरू किया जाएगा, जो प्रतिदिन 25 एम.टी. ऑक्सीजन सिलेंडर में भरेगा। बीना में ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए 91-91 एम.टी. के दो ऑक्सीजन प्लांट की टेस्टिंग व कमीशनिंग हो गई है।

मध्य प्रदेश ऑक्सीजन के मामले में होगा आत्मनिर्भर- धर्मेंद्रप्रधान

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि साग़र जिले के बीना में बीओआरएल के निकट नवनिर्मित अस्थाई 1000 बिस्तर के अस्थायी कोविड अस्पताल का बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा है। बीना रिफाईनरी की इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन को मेडिकल ऑक्सीजन में कन्वर्ट कर मरीज़ों के लिए उपयोग में लिया जाएगा। यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है जो साग़र, विदिशा, अशोकनगर और गुना सहित आसपास के ज़िलों के कोविड मरीजों के लिए बड़ी सौग़ात साबित होगा।ऑक्सीजन की उपलब्धता के मामले में केंद्र एवं मध्यप्रदेश शासन लगातार मिलकर कार्य कर रहे हैं। शीघ्र ही मध्यप्रदेश ऑक्सीजन के मामले में आत्म-निर्भर होगा।

जून माह तक लगेंगे 11 पीएसए संयंत्र- शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जून माह तक प्रदेश में 11 पी.एस.ए. ऑक्सीजन प्लांट प्रारंभ हो जाएंगे। केन्द्रीय मंत्री  ने कहा कि इनमें से कुछ प्लांट मई में ही पूर्ण करवाए जाएंगे। ये प्लांट देवास, धार, मंडला, होशंगाबाद, पन्ना, दमोह, छतरपुर, सीधी, भिंड, राजगढ़ एवं शाजापुर में लगाए जा रहे हैं।  प्रधान कोविड संकटकाल में मध्यप्रदेश को बड़ी मदद दे रहे हैं। बीना में सर्वसुविधायुक्त कोविड केयर सेंटर प्रारंभ हो रहा है। ऑक्सीजन प्लांट, बॉटलिंग प्लांट प्रारंभ हो रहे हैं तथा मोइल और गेल आदि कंपनियों के माध्यम से मध्य प्रदेश में कोविड केयर सेंटर तथा अन्य सुविधाएँ प्रदाय की जा रही हैं। केन्द्रीय मंत्री प्रधान मध्यप्रदेश से राज्यसभा के सदस्य हैं।

प्रदेश का पहला ऑक्सीजन सप्लाई आधारित अस्थाई अस्पताल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, यह प्रदेश का पहला ऑक्सीजन सप्लाई आधारित अस्थाई अस्पताल है, जहाँ पलंग तक डायरेक्ट ऑक्सीजन पाईप लाईन रहेगी। आने वाले समय में मध्यप्रदेश ऑक्सीजन की उपलब्धता के मामले में भी आत्म-निर्भर बनकर उभरे। बड़े ऑक्सीजन प्लांट्स की स्थापना प्रदेश में की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में गेल, आयनॉक्स जैसी संस्थाओं से भी बातचीत जारी है। अस्पताल से संबंधित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, मेडिकल वेस्ट, लिक्विड वेस्ट आदि का वैज्ञानिक निपटारा और प्रबंधन किया जाए।