कोरोना टेस्टिंग को लेकर मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी, इन मंत्रियों को दी जिम्मेदारी

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सीएम निवास में कोरोना की समीक्षा कर रहे है। कोरोना समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में ऑक्सीजन की आपूर्ति, रेमडेसिवीर इंजेक्शन और टेस्टिंग को लेकर  चर्चा की। यहां उन्होने वर्तमान टेस्टिंग व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि टेस्टिंग और समय पर रिपोर्ट आने की व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाए।

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बैठक में सीएम ने टेस्टिंग को लेकर नाराजगी जताई। वर्तमान व्यवस्था पर मुख्यमंत्री नाराज हुए और उन्होने कहा कि 24 घंटे में रिपोर्ट देने की व्यवस्था की जाए। छोटे जिलो में रिपोर्ट लेट आ रही है, ये नहीं चलेगा। इसकी व्यवस्था बना कर दें। उन्होने मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी जी और विश्वास सारंग तथा एसीएस सुलेमान को जिम्मेदारी दी कि वे बैठकर सब तय करें। लैब, निजी अस्पतालों से बात करें कि रिपोर्ट समय पर आए, टेस्ट में कोई कमी न आए, ज्यादा से ज्यादा टेस्ट किए जाएं। सीएम ने निर्देश दिए कि कोई निजी अस्पताल, निजी लैब टेस्टिंग करने से आनाकानी करे, लेट लतीफी का हवाला दे तो उसपर कड़ी कार्रवाई की जाए। ये संकट का समय है, ऐसे में कोई मनमानी नहीं चलेगी।

इस दौरान राउरकेला, बोकारो, विशाखापत्तनम से और अधिक ऑक्सीजन लाने पर चर्चा की गई। सीएम ने कहा कि वे ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्टेशन के लिए नितिन गडकरी और पीयूष गोयल से मुख्यमंत्री करेंगे चर्चा।ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर सीएम शिवराज ने कहा कि केंद्र सरकार से 20 अप्रैल तक 445 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्राप्त हो जाएगी। 25 अप्रैल तक 565 मीट्रिक टन और 30 अप्रैल तक 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्राप्त होने जा रही है। स्थानीय तौर पर व्यवस्था कर जिलों में 01 हजार 293 आक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स लगाए जा चुके हैं। ऑक्सीजन की इतनी मात्रा अप्रैल अंत तक अनुमानित मरीजों के लिए पर्याप्त होगी। शुक्रवार को हमें 350 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली है। जबकि खपत 335 मीट्रिक टन हुई है। सीएम ने कहा कि आक्सीजन की सप्लाई अब प्रदेश में तेजी से सामान्य हो रही है।

अब जिलो में ऑक्सीजन भेजने को लेकर चर्चा की जा रही है। ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर 2000 आ चुके है, अब 650 कंसन्ट्रेटर और आएंगे। 1300 कंसन्ट्रेटर जिला स्तर पर कलेक्टर ने और खरीदे हैं। उन्होने कहा कि महाराष्ट्र सरकार मध्यप्रदेश के कंसन्ट्रेटर रोकने को लेकर दवाब बना रही है। मध्यप्रदेश ने पहले कंसन्ट्रेटर के आर्डर दिए थे, अब उन्हें न भेजने के लिए महाराष्ट्र सरकार निर्माता कंपनियों पर दवाब बना रही है।

वहीं रेमडेसिवीर इंजेक्शन को लेकर सीएम शिवराज ने कहा कि अब तक 42 हजार इंजेक्शन की सरकारी सप्लाई आ चुकी है। 55900 इंजेक्शन की सप्लाई प्राइवेट सेक्टर को हुई है। बैठक के दौरान जानकारी दी गई है सरकार द्वारा 1 लाख और रेमडेसिवीर इंजेक्शन का आर्डर दिया गया है जो जल्द ही प्राप्त हो जाएंगे। बैठक में जिलो में इंजेक्शन की सप्लाई की व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।

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