कमलनाथ के यूपी-बिहार बयान का चौतरफा विरोध, भाजपा ने कहा ‘ये सौतेला व्यवहार’

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भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनते ही कमलनाथ के विवादित बयान को लेकर उनका चौतरफा विरोध हो रहा है। उन्होंने पदभार ग्रहण करते ही रोजगार को लेकर बयान दिया था कि, ‘प्रदेश के लोग बेरोज़गार रह जाते हैं, जबकि यूपी-बिहार के लोग नौकरियां ले जाते हैं।’ उनके इस बयान पर बिहार और यूपी नेताओं का पारा चढ़ गया है। भाजपा भी इस बयान पर हमलावर हो गई है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है और वह इस बारे में प्रदेश के सीएम कमलनाथ से बात करेंगे। 

बीजेपी प्रवक्ता राहुल कोठारी ने कहा कि भारत की आजादी के लिए अनेकों लोगों ने प्राणों की आहुति दी। लेकिन कभी किसी ने जाति नहीं पूछी। आज कमलनाथ जी ने उत्तर प्रदेश के बरेली से लेकर कानपुर और कानपुर से लेकर कलकत्ता और वहां से दिल्ली और दिल्ली से छिंदवाड़ा का सफर तय किया। लेकिन उन्हें कभी जातिगत आधार और प्रदेशिक स्तर पर कभी उनको रोका नहीं गया। इस तरह से सौतेला व्यवहार करना देश की सेहत के लिए सही नहीं है। आज छिंदवाड़ा और बैतूल क्षेत्र में भी महाराष्ट्र के लोग रह रहे हैं। इस तरह के बयान से उनमे भी डर बैठ जाएगा कि कही उनको भी बाहर का रास्ता न दिखा दिया जाए। 

केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता अश्विनी चौबे ने कहा है कि ”देश मे जहर बोना, क्षेत्र, जाति और समुदाय के नाम पर देश को बांटनेवाली कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने देश मे फिर से जहर घोला. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ का बिहार-उत्तर प्रदेश पर दिया गया बयान देश विरोधी है. वह तत्काल इस्तीफा दें तथा राहुल गांधी देश से माफी मांगे. अब देश में ये सब नहीं चलनेवाला।”

जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कमलनाथ को बिहार की जनता से माफी मांगने की बात कही है। उन्होंने कहा, कमलनाथ ने देश के संघीय ढांचे पर प्रहार करने का काम किया है। बिहार के लोग इटली से ज्ञान लेकर नहीं आये हैं।  बिहार ज्ञान की भूमि रही है। यहां के लोग अपनी मेहनत और परिश्रम के बल पर नौकरियां पाते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले में नजरिया साफ करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने जहर घोलने का काम किया है। बिहार उत्तर प्रदेश के लोग बोझ नहीं होते है।

गौरतलब है कि अपने कार्यकाल के पहले ही दिन उन्होंने फैसला किया कि मध्य प्रदेश में ऐसे उद्योगों को छूट दी जाएगी, जिनमें 70 प्रतिशत नौकरी मध्य प्रदेश के लोगों को दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लोगों के कारण मध्य प्रदेश के स्थानीय लोगों को नौकरी नहीं मिल पाती है।हालांकि उन्होंने कहा कि मैं उनकी (यूपी-बिहार के लोगों) आलोचना नहीं करना चाहता, लेकिन मध्य प्रदेश के लोग रोजगार से वंचित रहते हैं।’