भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस नेता केके मिश्रा पर उनके द्वारा लगाया गया मानहानि का मामला सोमवार को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी ने निरस्त कर दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता के के मिश्रा के द्वारा 2014 में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से व्यापमं घोटाले को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री आवास के संबंध खुलासे किए थे। उन्होंने व्यापमं घोटाले में पूर्व सीएम और उनके पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे। 

बता दें केके मिश्रा ने 21 जून 2014 को पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री पर व्यापमं मामले को लेकर आरोप लगाया था, जिसमें कहा गया था कि उनकी ससुराल गोंदिया के 19 परिवहन निरीक्षक भर्ती हुए। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री निवास से किसी प्रभावशाली महिला द्वारा व्यापमं के आरोपी नितिन महिन्द्रा आदि को 129 फोन कॉल किए गए. मिश्रा ने फूलसिंह चौहान, प्रेमसिंह चौहान, गणेश किरार और संजय सिंह चौहान पर भी आरोप लगाए थे। इस मामले में 24 नवंबर 14 को सरकार की अनुमति से लोक अभियोजक ने मुख्यमंत्री की मानहानि का मुकदमा दायर किया था. कोर्ट ने केके मिश्रा को 50 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत पर रिहा कर दिया था। हालांकि, बाद में पूर्व सीएम शिवराज ने मिश्रा के खिलाफ व्यक्तिगत मानहानि का एक और केस किया था। जो आज निरस्त कर दिया गया।