सिंधिया से दूरी, ऐसी क्या है मजबूरी

अतुल सक्सेना/ग्वालियर। ग्वालियर चंबल अंचल को सिंधिया (scindia) का गढ़ माना जाता है। कुछेक नेताओं को छोड़कर यहाँ सभी सिंधिया समर्थक नेता है। लेकिन जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है तब से कुछ नेताओं की निष्ठा बदली है उन्हें निगम, मंडल में कुर्सी दिखाई दे रही है। हाल ही में ग्वालियर आये पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (digvijay singh) के साथ जिला अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा (dr. devendra sharma) की नजदीकियों को वायरल फोटो इसका बड़ा उदाहरण हैं।

15 साल तक सत्ता से बाहर रही कांग्रेस (congress) को जब प्रदेश की सत्ता हाथ आई तो घर बैठे बहुत से कांग्रेसी अचानक एक्टिव हो गए। कुछ आंशिक सक्रिय नेता पुराने नेताओं के प्रति अपनी वफादारी दिखाने लगे और कुछ युवा नेता खुद को ज्यादा जोश से भरा। शुरुआत में ऐसा लगा कि ये सब संगठन को मजबूत करने के लिए सक्रिय हुए हैं लेकिन जैसे जैसे सरकार का समय आगे बढ़ा इन सबकी पोल खुलने लगी। नेताओं की दिल्ली (Delhi) और भोपाल (Bhopal) तक दौड़ ने बता दिया कि ये सक्रियता पार्टी के लिए नहीं बल्कि किसी बड़ी कुर्सी के लिए है। पद और कुर्सी के लालच में कुछ नेताओं ने चुनाव से पहले निष्ठा बदली तो कुछ नेता अब निष्ठा बदल रहे हैं। ताजा मामला जिला अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा से जुड़ा है जो राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन हुआ है। दरअसल देवेंद्र शर्मा (devendra sharma) के कुछ फोटो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिनमें दिग्विजय सिंह (digvijay singh) उनके घर में उनके कंधे पर हाथ रखकर ठहाके लगा रहे हैं। ये फोटो एक सप्ताह पूर्व 20 फरवरी के दिग्विजय सिंह के ग्वालियर दौरे के हैं। कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद दिग्विजय सिंह जिला अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा के बुलावे पर शिंदे की छावनी राम बाग कॉलोनी स्थित उनके घर पहुंचे । यहाँ शर्मा ने परिवार सहित पूर्व मुख्यमंत्री की अगवानी की, चाय नाश्ता कराया और गुफ्तगू की। शर्मा ने दिग्विजय को परिवार के लोगों से मिलाया और फोटो खिंचवाये। इसमें एक फोटो में दिग्विजय सिंह देवेंद्र शर्मा के कंधे पर हाथ रखकर जोर से हंस रहे है जो उन दोनों के बीच की बढ़ती नजदीकियों की गवाह बन रही हैं । इन फोटो के बाहर आने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है।

सिंधिया ने बनाया था देवेंद्र को जिलाअध्यक्ष

विधानसभा चुनावों से पहले जब देवेंद्र शर्मा जिला अध्यक्ष बने थे तब कांग्रेस नेताओं को आश्चर्य हुआ था कि ये कैसे हो गया क्योंकि तब वे सक्रिय राजनीति से थोड़ा दूर थे। उन्होंने सिंधिया समर्थकों से नजदीकी बढ़ाकर सिंधिया (scindia) से मुलाकात की और फिर एक दिन जब शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती देवेंद्र शर्मा के निवास पर आये तो सिंधिया(scindia) उनका आशीर्वाद लेने पहुंचे उसके बाद देवेंद्र को भी सिंधिया का आशीर्वाद मिल गया और वे रमेश अग्रवाल की जगह जिला अध्यक्ष बन गए। लेकिन अब सरकार में दिग्विजय का बढ़ता कद देखते हुए देवेंद्र शर्मा की निष्ठा बदल रही है और दिग्विजय सिंह को घर बुलाकर उनका स्वागत सत्कार करना इसका ही एक प्रमाण माना जा रहा है। इससे पहले कभी नहीं हुआ कि किसी सिंधिया समर्थक नेता ने दिग्विजय सिंह को घर बुलाया हो या उनका रेलवे स्टेशन पर स्वागत किया हो लेकिन देवेंद्र शर्मा ये सब कर रहे हैं।

दीपक बावरिया से कर चुके हैं मुलाकात

कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों की माने तो देवेंद्र शर्मा को मालूम है कि उनकी हिलती निष्ठा और पार्टी में सक्रिय होते विरोधियों के चलते उनसे कभी भी जिला अध्यक्ष की कुर्सी छिन सकती है इसलिए वे निगम, मंडल अध्यक्ष की कुर्सी की जुगाड़ कर रहे हैं। सूत्रों की बात पर भरोसा करें तो वे बीती 18 फरवरी को ग्वालियर से किसी राजा नामक युवक के साथ प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया (deepak bawaria) से भोपाल में मुलाकात कर चुके हैं, इस मुलाकात में देवेंद्र ने एक पत्र भी बावरिया को सौंपा है। और इसके दो दिन बाद ही ग्वालियर दौर पर आये दिग्विजय सिंह (digvijay singh) से मुलाकात कर उन्होंने इस बात को और हवा दे दी कि उनकी सिंधिया के प्रति निष्ठा बदल रही है। बहरहाल दिग्विजय सिंह के साथ देवेंद्र शर्मा का वायरल फोटो राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब जिला अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने की लालसा मन में पाले कांग्रेसी इसे और हवा दे रहे हैं।