एमपी के किसानों के अटके 1600 करोड़, शिवराज ने लिखा सीएम कमलनाथ को पत्र

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भोपाल। लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने किसानों के खाते में 6 हजार रुपए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत देने का वादा किया है। बीजेपी शासित प्रदेशों  में इस योजना की पहली किस्त दो हजार रुपए किसानों के खातों में सीधे भेज दी गई है। लेकिन मध्य प्रदेश इस मामले में पिछड़ गया है। 31 मार्च तक किसानों के खाते में यह राशि भेजी जानी है, लेकिन प्रदेश के किसानों का डाटा केंद्र सरकार को अबतक नहीं भेजा गया है जिससे ये राशि किसानों तक पहुंचने में देरी हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में चिंता वय्क्त करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक पत्र लिखकर इस मामले में जल्द संज्ञान लेने की बात कही है। 

शिवराज ने अपने पत्र में लिखा है कि ‘मध्य प्रदेश में सीमांत एवं लघु कृषकों की संख्या लगभग 80 लाख है। योजना के अंतर्गत हमारे प्रदेश के किसानों को प्रति किसान दो हजार रुपए की राशि, जो 1600 करोड़ रुपए है 31 मार्च तक उनके बैंक खाते में प्रदान की जाना है। लेकिन मुझे यह बताते हुए दुख है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार की अकर्मण्यता, उदासीनता एवं लचर प्रशासनिक व्यनस्था के कारण आज तक प्रदेश के किसानों का डाटा केंद्र सरकार को भेजा नहीं गया है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि निरंतर मात्र तबादलों के खेल में लगी कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के किसान भाइयों को केंद्र सरकार से सीधे प्राप्त होने वाली उनकी सम्मान निधि की राशि से वंचित कर रखा है।’

उन्होंने कमलनाथ सरकार से आग्रह किया है कि किसानों की जानकारी जल्द से जल्द केंद्र सरकार को भोजी जाए जिससे प्रदेश के किसानों को प्रधानमंत्री की इस योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने लिखा है कि प्रदेश के किसानों को इस साल 4800 करोड़ की राशि मिलना है। उन्होंने लिखा है कि सरकार तबादलों में व्यस्त है किसानों के प्रति संवेदनशील नहीं है अगर वह संवेदनशील होती तो अब तक प्रदेश के किसानों को लाभ मिल चुका होता।