Glamour at a glance: जूनियर सिंधिया को देख लोगों को याद आ रहे हैं माधवराव

"हर दिल पर नाम लिख दिया' माधवराव सिंधिया।सिंधिया के पोते और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महान आर्यमन में भी अपने दादा के वही अधिकांश गुण मौजूद हैं।

सिंधिया

ग्वालियर, गौरव शर्मा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के पुत्र महान आर्यमन इन दिनों ग्वालियर चंबल संभाग (Gwalior Chambal Division) में सामाजिक सरोकार निभा रहे हैं। अंचल के लोगों का कहना है कि आर्यमन में उनके दादा यानी स्वर्गीय माधवराव सिंधिया (Madhavrao Scindia) की हूबहू खूबियां मौजूद है।विनम्रता, सहृदयता, संवेदनशीलता और लोगों के साथ वन टू वन संवाद…. 21 साल पहले तक ग्वालियर-चंबल अंचल में स्वर्गीय माधवराव सिंधिया ने अपनी इन्हीं खूबियों से लोगों से दिल का रिश्ता जुड़ा था। आज भी लोगों के दिलों में स्वर्गीय सिंधिया का वही मुस्कुराता चेहरा भुलाए नहीं भूलता।

यह भी पढ़े.. 1 December 2021: आज से बदल जाएंगे ये सारे नियम, पेंशन समेत जेब पर पड़ेगा बड़ा असर

सिंधिया के लोगों से दिली रिश्ते किस कदर मजबूत थे उसका प्रमाण उस समय लोकप्रिय हुआ एक नारा था “हर दिल पर नाम लिख दिया’ माधवराव सिंधिया।सिंधिया के पोते और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महान आर्यमन में भी अपने दादा के वही अधिकांश गुण मौजूद हैं। यह बात हम नहीं कहते बल्कि स्वर्गीय माधवराव के साथ वर्षों से जुड़े रहने वाले और वर्तमान में ज्योतिरादित्य सिंधिया से जुड़े राजनेता कहते हैं।मुरैना के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज पाल सिंह का कहना है कि स्वर्गीय बड़े महाराज यानी माधवराव सिंधिया जिस आत्मीयता से लोगों के दिल में उतर जाते थे, कमोबेश उसी सहजता और सरलता के साथ महान आर्यमन जिससे एक बार मिल लेते हैं, वह उनका मुरीद हो जाता है।

यह भी पढ़े.. MP उच्च शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला- सभी कॉलेजों में जारी रहेगी Offline Classes, आदेश जारी

दो दिन पहले बीजेपी कार्यसमिति के सदस्य डा.रमेश दुबे की पुत्री की शादी में लगभग एक घंटा बिताने अभी महान आर्यमन भिंड पहुंचे थे। वहां उन्होंने मौजूद हर व्यक्ति से न केवल उसका हाल जाना बल्कि उसकी बातें भी सुनी। डा.रमेश दुबे बताते हैं कि दरअसल सिंधिया खानदान की खूबी है कि वे सुख और दुख दोनों में अपने लोगों के साथ खड़े नजर आते हैं। कोरोना काल इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। विवाह समारोह में पहुंचे महान आर्यमन ने अपने दौरे को राजनीतिक दौरा बताने से साफ इंकार करते हुए कहा कि मैं सिर्फ अभी आपसे मिलना चाहता हूं, आपसे जुड़ना चाहता हूं। आर्यमन भले ही राजनीति में आने से इंकार करें लेकिन जिस तरह से उनके समर्थकों की संख्या बढ़ रही है, लोकप्रियता बढ़ रही है, उसे लगता है कि राजनीति भी एक नवोदित सितारे का इंतजार कर रही है।