रतलाम। सुशील खरे।मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने बड़ा बयान दिया है। रतलाम जिले के आलोट में विधायक मनोहर ऊंटवाल के अंत्येष्टि कार्यक्रम में शामिल होने आए गोपाल भार्गव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की विधानसभा में वास्तु दोष है और एक अच्छा पंडित वास्तु दोष दूर करने के उपाय की फीस ज्यादा से ज्यादा हजार पंद्रह सौ रू लेगा और यदि इतने पैसे खर्च करने से किसी विधायक की जान बचती है तो सरकार को यह खर्च कर देना चाहिए ।

दरअसल मनोहर ऊंटवाल 33 वें ऐसे विधायक हैं जो विधानसभा का नया भवन 2003 में बनने के बाद असमय काल कॉल कलवित हुए हैं और उनकी मौत के साथ ही एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि मध्यप्रदेश की विधानसभा के भवन में ऐसा कौन सा वास्तु दोष है जो बार-बार विधायकों के लिए जान का खतरा बन रहा है।

15 सालों में हो चुके है 31 उपचुनाव
मध्यप्रदेश में एक के बाद हो रही विधायकों की मौत पर एक बार फिर विधानसभा के वास्तुदोष को लेकर सवाल उठना शुरु हो गए है। हाल ही में मुरैना जिले की जौरा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा का निधन हुआ था और गुरुवार को आगर से विधायक मनोहर ऊंटवाल का निधन हो गया ।सरकार बनने के बाद फिर दो जौरा और आगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की स्थिति बन गई है ।बीते 15 साल में भाजपा सरकार के दौरान प्रदेश में 31 उप चुनाव हुए हैं। बहुत कम समय ऐसा रहा है जब विधानसभा सत्र में विधायकों की संख्या पूरी रही हो। एक बार फिर सदन में विधायकों की संख्या 228 हो गई। उपचुनाव का सिलसिला 2003 से शुरु हुआ जो अब तक जारी है।

इन सीटों पर हो चुके है उपचुनाव
2004 से जिन स्थानों पर उपचुनाव हुए हैं, वे हैं नोहटा, बालाघाट, बुधनी, बड़ा मल्हारा, पधाना, उदयपुरा, शिवपुरी, लांजी, समवेर, गोहद, तेंदूखेड़ा, सोमखेत, कुक्षी, जेब्रा, महेश्वर, विदिशा, बहोरीबंद, विजयराघौगढ़, आगर, गरोठ, देवास, मैहर, घोड़ाडोंगरी, नेपानगर, बांधवगढ़, अटेर, चित्रकूट, मुंगावली, छिंदवाड़ा और झाबुआ।