मैं नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में नही, मुझे किसी पद की जरुरत नहीं : शिवराज

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भोपाल| बीजेपी में नेता प्रतिपक्ष चुनने की कवायद अंतिम दौर में है|  रविवार को विधायक दल की बैठक होना है, जिसमे नेता प्रतिपक्ष के नाम का ऐलान होगा। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे को चयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह साफ किया है कि वह नेता प्रतिपक्ष नहीं बनेंगे|  उन्होंने कहा है कि नेता प्रतिपक्ष के लिए मेरा नाम नहीं चल रहा है| नेता प्रतिपक्ष कौन होगा यह पार्टी तय करेगी, लेकिन मेरा नाम नहीं है| मैंने पहले ही कहा, मुझे किसी भी पद की आवश्यकता नहीं है, मैं वैसे ही एक नेता हूँ| 

इससे पहले दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज समेत कई नेताओं से मुलाकात की।  शिवराज सिंह ने केंद्रीय राजनीति में जाने से इनकार कर दिया है, इसलिए उन्हें नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी गुरुवार को दिल्ली में ही थे। उन्होंने भी कई नेताओं के साथ बातचीत की। सूत्र बताते हैं कि नेता प्रतिपक्ष के चयन के मसले पर दोनों नेता दिल्ली में सक्रिय थे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा विधायक दल की बैठक में नेता प्रतिपक्ष के चयन के साथ ही सत्र की रणनीति तय की जाएगी।

ब्राह्मण नेता को दिया जा सकता है मौका

प्रदेश में 15 साल सत्ता में रहने वाली बीजेपी अब विपक्ष में बैठेगी, लेकिन उसके सामने जो बड़ी चुनौती है वह यह कि अपना नेता चुनना यानी नेता प्रतिपक्ष चुनना, हालांकि इस रेस में शिवराज सिंह चौहान का नाम सबसे आगे नजर आ रहा है, शिवराज के मना करने पर उनकी जगह किसी ब्राह्मण वर्ग के नेता को सामने लाया जा सकता है। इसमें गोपाल भार्गव और नरोत्तम के साथ राजेंद्र शुक्ला का नाम है।  इसके अलावा पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह का नाम सहमति के साथ आगे आ सकता है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी चुनावी हार के कारणों की समीक्षा भी नेता प्रतिपक्ष के चयन के साथ कर रही है। खास तौर पर सवर्ण वर्ग के नाराज होने के पीछे के कारण पर भी चर्चा हो रही है।

इन नेताओं का नाम भी चर्चा में

नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में दूसरा बड़ा नाम नरोत्तम मिश्रा का है|  मिश्रा शिवराज सरकार में संकटमोचक की भूमिका में रहे हैं और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के करीबी माने जाते हैं|  पिछले दिनों पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने नरोत्तम मिश्रा को लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी बनाकर उन पर एक बार फिर अपना विश्वास जताया है। तीसरा नाम पार्टी के सीनियर विधायक गोपाल भार्गव का है। भार्गव का पिछले दिनों भोपाल में संघ के मुख्यालय समिधा पहुंचकर संघ के बड़े नेताओं से मिलना उनकी दावेदारी को और मजबूत बना रहा है। नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में चौथा नाम पूर्व गृहमंत्री और पार्टी के सीनियर नेता भूपेंद्रसिंह का है। सिंह की सबको साथ लेकर चलने और पार्टी में सर्वमान्यता उनको प्रतिपक्ष की दौड़ में आगे रखती है।