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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के आईएफएस (IFS) अफसर और होशंगाबाद जिले के तत्कालीन डीएफओ (DFO) अजय कुमार पांडे पर औषधि बीज खरीदी में लाखों का भ्रष्टाचार (Corruption) का आरोप लगा है।वन कर्मचारी संघ होशंगाबाद के संरक्षक मधुकर चतुर्वेदी ने इस संबंध में वन विभाग के अपर मुख्य सचिव, भोपाल मध्य प्रदेश (Additional Chief Secretary, Forest Department, Bhopal, Madhya Pradesh) को एक पत्र लिखा है और बर्खास्ती की मांग की है।

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वन कर्मचारी संघ होशंगाबाद के संरक्षक मधुकर चतुर्वेदी(Madhukar Chaturvedi, patron of Forest Employees Union Hoshangabad)  ने अपने पत्र में लिखा है कि अजय कुमार पांडे आईएफएस तत्कालीन डीएफओ होशंगाबाद में रहते हुए 2018 सितंबर से 2020 तक फर्जी यात्रा दर्शाकर लाखों रुपए TA BILL के माध्यम से हड़पने का प्रयास किया। मुख्य वन संरक्षक, होशंगाबाद द्वारा इनके समस्त TA BILL को पास करने के उपरांत निरस्त कर दिया गया है। परतुं अजय कुमार पांडे पर इस दुष्प्रयास के लिए कोई कार्रवाई नही की गई है ।

इतना ही नहीं औषधि रोपण के लिए 3,57, 00000 करोड़ रुपए दिसंबर में 2018 में प्राप्त होने के बावजूद जुलाई 2019 तक बीज और रोपण सामग्री की कोई व्यवस्था नहीं की गई और ना ही रोपण क्षेत्रों का ट्रीटमेंट मैप बनवाया गया । जुलाई 2019 को कैसला के छोटे से बीज विक्रेता से सांठगांठ कर बीज आदि की खरीदारी की गई, जो कि सिल्वीकल्चर के सिंद्धातों के विरुद्ध हुआ है।शिकायत करने के बाद IFS पांडे ने फर्जी कोटेशन अपने ऑफिस के बाबू से 17 लाख 6400 के बिल तैयार करवाए थे, जिसमें नियमों का पालन नही किया गया है।

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चतुर्वेदी ने आगे लिखा है कि मध्य प्रदेश शासन का लघु वनोपज संघ मध्य प्रदेश में 51 प्रतिशत की भागीदारी होती है, ऐसे में जब राज्य लघु वन उपज संघ द्वारा वनोपज के समर्थन मूल्य की दरें निर्धारित कर दी गई है तो अजय कुमार पांडे ने काल मेघ का जो बीज 20 प्रति किलो निर्धारित है उसे 1900 प्रति किलो और क्रोंज का बीज 21 रुपए प्रति किलो निर्धारित है 470 रुपए किलो में खरीदी है जो भ्रष्चाचार है और बेमानी की परिसीमा है, इसलिए IFS पांडे पर भ्रष्टाचार के तहत कार्रवाई करते हुए बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाए।

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