भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में उपचुनाव (By-election) के नतीजे घोषित होते ही धुंधली पड़ी सियासत की तस्वीर साफ हो गई है। 28 में से 19 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल करने वाली बीजेपी ( BJP) ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है और इसी के साथ अधर में लटकी शिवराज सरकार (Shivraj government भी परमानेंट हो गई। नतीजों को स्वीकार करने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath) ने कांग्रेस की हार की समीक्षा की बात कही है। वहीं नतीजों के एक दिन बाद आज बुधवार (Wednesday) को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) से उनके बंगले पर जाकर मुलाकात की और बधाई दी।

मुलाकात के बाद नाथ मीडिया से रुबरु हुए और उन्होंने बताया कि मैंने शिवराज सिंह चौहान जी को विश्वास दिलाया है कि कांग्रेस विपक्ष के सभी दायित्व को पूरा करेगी और विकास की तरफ बढ़ने वाले प्रदेश के साथ हमेशा खड़ी रहेगी। कमलनाथ ने कहा है कि मैं शिवराज सिंह को जीत की बधाई देता हूं और मैंने कहा है कि आज प्रदेश में कई चुनौतियां हैं हम साथ मिलकर उन चुनौतियों का सामना करेंगे। मैने उन्हें कहा है कि आज प्रदेश के सामने कई चुनौतियां है बेरोजगारी की ,कृषि क्षेत्र कीऔर  विश्वास दिलाया हैं कि विपक्ष की तरफ से प्रदेश के विकास में कोई अडचन आने नहीं दी जाएगी।परिणामो को लेकर कहा कि आज हमने बैठक बुलायी है , उसमें हम परिणामो की समीक्षा करेंगे।

इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर लिखा कि आज मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ जी ने निवास पर भेंट कर शुभकामनाएं दी। मैं उनको हृदय से धन्यवाद देता हूं। प्रदेश की प्रगति और जनता के कल्याण के लिए पूरे समर्पण एवं सामर्थ्य के साथ हम सब कार्य करेंगे। मध्यप्रदेश देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बने, यही हमारा संकल्प है।

बता दे कि दो साल के सियासी उतार-चढ़ाव के बाद हुए मध्यप्रदेश में 19 जिलों की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव में 19 सीटें जीतकर भाजपा 107 से 126 सीटों पर पहुंच गई जो बहुमत के आंकड़े 115 से 11 सीटें ज्यादा है। वही 15 महिनों में ही सत्ता से बाहर हुई कांग्रेस 9 सीटों पर ही सिमट कर रह गई।उपचुनाव से यह भी साफ हो गया कि जनता को एक बार फिर प्रदेश पर 15 सालों तक राज करने वाले और चौथी बार मुख्यमंत्री बने शिवराज सिंह पर भरोसा है। वही कमलनाथ सरकार का पतन करने में अहम भूमिका निभाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया के 19 समर्थकों में से 13 ने जीत हासिल कर साख बचाई लेकिन 6 हार गए।अब बीजेपी सत्ता पर राज करेगी और कांग्रेस विपक्ष में बैठकर अपना भूमिका निभाएगी।