Balaghat : माधुरी रिफाइनरी तेल के हमरूप तेल बेचकर ग्राहकों से कर रहे थे धोखाधड़ी, कंपनी ने की कार्रवाई

माधुरी रिफाइनरी तेल के ब्रांड के पैकिंग की तरह कलर, फोटो और लड़की के लोगो (LOGO) का उपयोग कर मधुर माधवी तेल बेचने के मामले अधिवक्ताओं ने कोतवाली पुलिस की मदद से कथित आईल कंपनी में छापा मारा और टेडमार्क मामले में कार्रवाई की है।

बालाघाट, सुनील कोरे। बालाघाट (Balaghat) जिले में नकली नोट, नकली दवा, नकली बीज और खाद के बाद अब ट्रेडमार्क का दुरूपयोग कर माधुरी रिफायनरी तेल के हमरूप तेल बेचने के बड़े मामला सामने आया है। माधुरी रिफाइनरी तेल के ब्रांड के पैकिंग की तरह कलर, फोटो और लड़की के लोगो (LOGO) का उपयोग कर मधुर माधवी तेल बेचने के मामले में माधुरी तेल कंपनी के प्रतिनिधि और दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट से आदेश लेकर पहुंचे अधिवक्ताओं ने कोतवाली पुलिस की मदद से नगर के सुभाष चौक स्थित विनोद सचदेव के कथित आईल कंपनी में छापा मारा और टेडमार्क मामले में कार्रवाई की है। कार्रवाई करते हुए माधुरी के हमरूप तेल का विक्रय कर उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी करने और कंपनी को नुकसान पहुंचाने के मामले में लगभग ढाई लाख रूपये से ज्यादा का माल जब्त किया है। वहीं इस मामलें में व्यवसायी विनोद सचदेव की तरफ से पक्ष रखते हुए अशोक बजाज ने कहा कि बड़ी कंपनियों द्वारा छोटे व्यवसायी और व्यवसाय को खत्म करने का प्रयास है। कोई डुप्लीकेटिंग नहीं की जा रही थी और यह रजिस्टर्ड है। जैसा कोर्ट का आदेश होगा, हम उसका पालन करेंगे।

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माधुरी कंपनी ने दिल्ली कोर्ट में किया था परिवाद दायर, कोर्ट से मिले थे कार्यवाही के आदेश
माधुरी तेल के हमरूप तेल का निर्माण कर कम और घटिया तेल बेचने के मामले में 6-8 महिनों से मिल रही शिकायत मिलने के बाद माधुरी कंपनी ने नवकार एशोसिएट के अधिवक्ताओं के माध्यम से दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में परिवाद दायर किया था। जिसमें दिल्ली कोर्ट ने कार्यवाही के आदेश जारी किये थे। जिसको लेकर कंपनी प्रतिनिधि अनंत तिवारी और अधिवक्ताओं की टीम बालाघाट पहुंची थी। यहां उन्होंने कोतवाली पुलिस की मदद से 7 जुलाई को कार्रवाई करते हुए पहले दो-तीन स्थानो पर जांच की, जिसके बाद टीम तेल बनाने वाले स्थल सुभाष चौक स्थित काम्पलेक्स में पहुंची। जहां टीम ने जब देखा तो उसके होश उड़ गये। बिलकुल माधुरी तेल की तरह पैकेजिंग के रूप में माल तैयार था। हूबहू माधुरी रिफाइनरी तेल की तरह तेल के डिब्बों और लगाये जाने वाले फोटो और कलर बिल्कुल एक जैसे नजर आ रहे थे। जिसे पास से देखने पर ही पता चलता था कि यह माधुरी तेल नहीं है अन्यथा इसे देखने के बाद कोई भी उपभोक्ता दूर से इसे माधुरी ही समझे।

उपभोक्ताओं से की जा रही थी धोखाधड़ी
माधुरी रिफाइनरी तेल कंपनी के प्रतिनिधि अनंत तिवारी ने बताया कि माधुरी रिफाइनरी तेल के ट्रेडमार्क से मिलते-जुलते ट्रेडमार्क का उपयोग मधुर माधवी तेल की सप्लाई की जा रही थी। जिसकी विगत 6 से 8 महिने से कंपनी को इसकी शिकायत मिल रही थी। जिससे तेल कंपनी को नुकसान हो रहा था। जिसको लेकर समझाईश भी दी गई थी, बावजूद लॉकडाउन के दौरान बड़ी मात्रा में यह तेल खपाया गया। जिसको लेकर कंपनी द्वारा अधिवक्ताओं के माध्यम से दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में परिवाद दायर किया गया था। जिसमें मिले आदेश के तहत वह कार्रवाई करने बालाघाट आये थे। चूंकि कार्रवाई गत 6 जुलाई को की जाना था, लेकिन मुख्यालय में वीआईपी आगमन के मद्देनजर पुलिस सुरक्षा नहीं मिल पाने के कारण वह बुधवार 7 जुलाई को कार्रवाई करने पहुंचे है और यहां उन्होंने बड़ी मात्रा में माधुरी रिफायनरी तेल के ट्रेडमार्क से मिलते-जुलते ट्रेडमार्क का उपयोग मधुर माधवी तेल बड़ी मात्रा में मिला है। जो लगभग ढाई लाख रूपये से ज्यादा का है। कार्रवाई से पूर्व रैकी कर रहे थे, जिसमें गत 6 जुलाई को यही माल यहां से लगभग दो तीन ट्रक से जाता देखा है, जिससे उन्हें यहां ज्यादा माल नहीं मिला है, साथ ही यह भी पता चला है कि इनके द्वारा पैकेजिंग में कम मात्रा में तेल और कौन सा तेल दिया जा रहा है, यह भी नहीं साफ नहीं है। यह पूरी तरह से उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी है और इनके इस कार्य से कंपनी को नुकसान हो रहा था। जिससे कंपनी ने वैधानिक तरीके से कार्रवाई का रास्ता चुना है। उन्होंने बताया कि बड़े ही शातिराना तरीके से माधुरी के हमरूप की तरह पैकिंग की जा रही थी, जिससे सामान्य व्यक्ति दूर से इसे पहचान न सके। जिसकी सबसे ज्यादा खपत, संभवतः ग्रामीण अंचलो में की गई है, जहां जानकारी के आभाव में लोगों ने इसे माधुरी समझकर उपयोग कर लिया होगा।

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यह ट्रेडमार्क का मामला है अभी इन्होंने रजिस्टर्ड के लिए अप्लाई किया है
माधुरी रिफाइनरी तेल कंपनी की ओर से लीगल एडवाईजर के रूप में पहुंचे अधिवक्ता पुष्प सैनी ने बताया कि यह ट्रेडमार्क का मामला है। चूंकि माधुरी तेल से मिलते-जुलते और सामान्य रूप से एक नजर में नहीं पहचाने जाने वाले कंपनी उत्पाद के तेल के प्रिंट कलर, फोटो और लड़की का हूबहू प्रयोग किया गया है। उन्होंने बताया कि जैसे व्यापारी बता रहे है कि उनके द्वारा अपने ट्रेडमार्क को रजिस्टर्ड कर लिया गया है तो अभी इन्होंने केवल अप्लाई किया है, इसका रजिस्टर्ड नहीं हो सका है। चूंकि ट्रेडमार्क रजिस्टर्ड के लिए कई प्रक्रियाएं होती है, जो अभी प्रक्रिया में है। हमने न्यायालय के आदेश पर माल बरामद कर लिया है, अब कोर्ट फैसला करेगी।

कार्रवाई के दौरान व्यापारी और कंपनी अधिवक्ताओं के बीच तीखी झड़प
सुभाष चौक स्थित किशनचंद बोलुमल के तेल प्रतिष्ठान पर कोर्ट का आदेश लेकर कार्रवाई करने पहुंची कंपनी के अधिवक्ताओं और व्यवसायी विनोद सचदेव और अशोक बजाज के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। कंपनी के अधिवक्ताओं का कहना था कि वह कोर्ट के आदेश के तहत कार्रवाई करने पहुंचे है, जबकि व्यापारी कार्रवाई को लेकर विरोध दर्ज कर रहे थे। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने मामले को शांत कराया और बाद में दोनो पक्ष नरम पड़ गये।

छोटे व्यापारी को खत्म करने का काम-अशोक बजाज
व्यापारी विनोद सचदेव की ओर से मामले का पक्ष रखते हुए व्यापारी अशोक बजाज ने कहा कि बड़ी कंपनी द्वारा छोटे व्यापारी पर कार्रवाई की गई है। यह उचित नहीं है। व्यापारी ने जो माल बनाया है, वह माल डुप्लीकेट नहीं है, उसका मार्का रजिस्टर्ड है, यह छोटे व्यापारी को खत्म करने करने की कार्रवाई है। व्यापारी ने कोई अवैधानिक कार्य नहीं किया है। हमने कोई बुरा व्यवहार नहीं किया है। कंपनी दबाव डालकर कार्रवाई करवाना चाहती थी, हमने उसका विरोध किया है। कोर्ट द्वारा जो भी आदेश दिया गया है, उस आदेश को पढ़कर कार्रवाई की जायेगी। हम कोर्ट का सम्मान करते है, कोर्ट के हिसाब से चलेंगे, हमें कोई दिक्कत नहीं है।

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