मध्य प्रदेश में कम हो रही पॉजिटिविटी दर, रिकवरी रेट बढ़ा, हर दिन 60 हजार टेस्ट

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता में वृद्धि करने नवीन निवेश के लिये विशेष वित्तीय सहायता पैकेज दिए जाने के निर्देश जारी कर दिये गये है।

MP CM SHIVRAJ

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के लिए एक बार फिर राहत भरी खबर है। लगातार कोरोना की पॉजिटिविटी दर में कमी आ रही है। प्रदेश का पॉजिटिविटी रेट 30 अप्रैल को 21.12% था, जो 2 मई को घटकर 20.9 % हो गया है। आज 3 मई को पॉजिटिविटी रेट और कम होकर 20.2% पर आ गया है। प्रदेश में प्रतिदिन पॉजीटिव केसेस की तुलना में रिकवरी अधिक हो रही है। प्रतिदिन 50 हजार से अधिक टेस्ट किये जा रहे हैं। रविवार 2 मई को 59 हजार 448 टेस्ट किये गए। सभी जिलों में सैम्पल लेने के लिये मोबाइल टीमें भी भेजी जा रही हैं।

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सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने कहा कि मध्य प्रदेश में प्रबंधन एवं चिकित्सकीय सुविधाओं की बढ़ोत्तरी से प्रतिदिन स्वस्थ और संक्रमण मुक्त होने वालों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। दिनांक 30 अप्रैल को 13 हजार 584, एक मई को 14 हजार 562 और 2 मई को 13 हजार 890 कोरोना मरीज संक्रमण मुक्त होकर सकुशल अपने घर पहुँचे हैं। प्रदेश की रिकवरी दर 30 अप्रैल को 82.88%, एक मई को 83.63%, 2 मई को बढ़कर 84.19% हुई। आज प्रदेश की रिकवरी दर 84.73% हो गई है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में एक दिन में जितने लोग स्वस्थ हुए है, उनमें से 84.3% ऐसे मरीज है, जो होम आइसोलेशन में थे और 4% ऐसे मरीज हैं जो कोविड केयर सेंटर में थे। इस प्रकार 88.3% मरीज जो अस्पताल जाए बिना, होम आइसोलेशन और कोविड केयर सेंटर में ही स्वस्थ हो रहे हैं। शेष 11.7% अस्पतालों से ठीक होकर घर लौटे हैं।प्रदेश में 64 हजार 218 से अधिक रोगी वर्तमान में होम आइसोलेशन में हैं। इनमें से 97% मरीजों से दूरभाष पर कम से कम एक बार संपर्क किया गया है।

ऑक्सीजन उत्पादन को लेकर प्रयास जारी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता में वृद्धि करने नवीन निवेश के लिये विशेष वित्तीय सहायता पैकेज दिए जाने के निर्देश जारी कर दिये गये है। इसके तहत मुख्यत: प्लांट मशीनरी तथा भवन में किये गये पूँजी निवेश पर एवं 50 प्रतिशत की फ्लेट रेट से मूल निवेश सहायता अधिकतम सीमा 75 करोड़ तक देय होगी। इसके अतिरिक्त विद्युत टैरिफ मे भी रियायत दी गई हैं।आज मध्य प्रदेश को बाह्य स्त्रोतों से 484 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आपूर्ति होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।

अबतक 81 लाख से ज्यादा को लग चुकी है वैक्सीन

अब तक मध्य प्रदेश के हेल्थ वर्कर्स, फ्रंट लाईन वर्कर्स, वरिष्ठ नागरिक एवं 45 वर्ष से अधिक के लगभग 81 लाख 38 हजार से अधिक लोगों का टीकाकरण हो चुका है। प्रदेश के 3 करोड़ 22 लाख से अधिक नागरिकों को टीका लगेगा। राज्य सरकार इस कार्य पर लगभग 2,710 करोड़ रुपये खर्च करेगी। कोविशील्ड वैक्सीन के 45 हजार डोज का कार्यादेश जारी कर दिया गया है।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के 8 जिलों बालाघाट, धार, दमोह, जबलपुर, बड़वानी, शहडोल, सतना और मंदसौर में 5 करोड़ 87 लाख रुपये से अधिक की लागत के डेबेल तकनीक आधारित 570 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाले ऑनसाईट ऑक्सीजन गैस जनरेटर प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही 8 जिलों में भारत सरकार के सहयोग से पीएसए तकनीक आधारित 8 ऑक्सीजन प्लांट्स स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 7 प्लांट्स ने कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। प्रदेश के 37 जिलों के लिए राज्य सरकार स्वयं के बजट से जिला अस्पतालों में पीएसए तकनीक से तैयार होने वाले नए ऑक्सीजन प्लांट्स लगा रही है।