बसपा सुप्रीमो के एक्शन के बाद MLA रामबाई का यूटर्न

भोपाल।  नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देशभर में हो रही बहस के बीच पथरिया से बसपा की विधायक रामबाई परिहार ने CAA का समर्थन किया। जब बसपा सुप्रीमो मायावती उनके बयान पर इतनी खफा हो गई कि सीधे ट्विटर पर ही विधायक को पार्टी से निलंबित करने की घोषणा कर दी। मायावती के तीखे तेवर देख रामबाई ने भी अब यूटर्न ले लिया।

मामला गरमाने के बाद रविवार को रामबाई मीडिया के सामने आई और कहा कि पार्टी की विचारधारा उनकी नस-नस में बसी है और वह बहन जी के साथ आखिरी सांस तक हैं, चाहे वह उन्हें निकालें या कुछ भी करें। उन्हें जानकारी नहीं थी कि ऐसा कुछ हो जाएगा। यदि बहन जी को लगता है कि मैंने उनका विरोध किया है तो वह अपने शब्द वापस लेती हैं।  वही उन्होंने अपने बयान को लेकर कहा कि इसे तोड़ मरोड़ कर दिखाया गया उनका मतलब यह नही था।

उन्होंने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि उनके बयान को गलत तरह से पेश किया गया है। उन्होंने कहा नागरिकता संसोधन कानून पर उन्होंने यहां के लोगों के लिए नहीं कहा था। यहां रहने वालों के लिए तो नागरिकता है ही। उन्होंने तो ये कहा था कि जो बाहर के आतंकी यहां देश में आकर स्थापित हो जाते हैं और आतंक मचाते हैं, उन्हें भगाना चाहिए। उन्होंने यहां के हिंदू या मुस्लिम के लिए कुछ नहीं कहा, उन्होंने तो आतंकवादियों के लिए कहा था। उन्होंने आगे कहा कि
यदि कोई बच्चा गलती कर देता है तो माता-पिता उसे घर से बाहर नहीं निकालते हैं। बहन जी उनके माता-पिता के समान हैं, उन्होंने इससे पहले भी कई बार गलती की है और उन्होंने उन्हें माफ किया है और इस बार भी कर देंगी। वह हमेशा बहन जी के साथ हैं।

दरअसल, सीएए का समर्थन व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने वाली पथरिया से बसपा विधायक रामबाई परिहार ने अपने निलंबन के बाद अपना बयान वापस ले लिया है। बसपा सुप्रीमो ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप के तहत पार्टी से निलंबित कर दिया है। साथ ही उन्हें पार्टी से जुड़े किसी भी कार्यक्रम में शामिल होने पर भी पाबंदी लगा दी है। इस कार्रवाई के होते ही पथरिया विधायक घबरा गईं। उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत ढंग से पेश किया गया है। शनिवार को नगर पंचायत पथरिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने संबोधन में केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए सीएए कानून का समर्थन किया था और उसे देश हित में बताया था। जबकि बसपा सुप्रीमो मायावती नागरिकता कानून का विरोध कर रही हैं।

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