MP Board: 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर बदलेंगे नियम! शिक्षा विभाग और माशिमं आमने-सामने

वही स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि यदि 1 जुलाई से प्रारंभ हुई परीक्षा को विश्वविद्यालय या अन्य उच्च शिक्षा संस्थान मान्यता प्रदान नहीं करेंगे तो छात्रों को काफी कठिनाई आ सकती है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) और माध्यमिक शिक्षा मंडल (Board of Secondary Education) आमने सामने आ गए हैं। दरअसल 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा (MP Board exam) को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने माध्यमिक शिक्षा मंडल को पत्र लिखा है। इसके साथ ही साथ 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार कराए जाने, नए ब्लूप्रिंट (blueprint) को लागू करने और ऑनलाइन प्रश्न पत्र भेजने समेत अन्य बदले गए सभी नियम की जानकारी मांगी है।

दरअसल स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी ने माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष और अतिरिक्त मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया (radheshyam julania) को पत्र लिख बोर्ड परीक्षा बदलाव की जानकारी मांगी है। इसके साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग ने माध्यमिक शिक्षा मंडल को साफ कर दिया है कि नए नियम से छात्रों को पढ़ा पाना मुश्किल है। इससे परीक्षा परिणाम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इतना ही नहीं इन सभी नियमों को शासन द्वारा 9(4) लगाकर बदला भी सकता हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा माध्यमिक शिक्षा मंडल को लिखे गए पत्र में छह बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। जिसमें 30 अप्रैल से शुरू होने वाली परीक्षाओं के संचालन की तैयारी सहित कोरोना काल में प्रभावित हुए बोर्ड की परीक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम में की गई कमी, इसके अलावा प्रश्न पत्र परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था और परीक्षा के लिए तैयार किए गए ब्लू प्रिंट में बदलाव संबंधित जानकारी मांगी गई है। इतना ही नहीं माशिम द्वारा साल में दो बार मुख्य परीक्षाओं का आयोजन करवाने, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रस्तावित व्यवस्था सहित 10वीं और 12वीं की बाहरी और आंतरिक मूल्यांकन व्यवस्था के बारे में भी जानकारी मांगी गई है।

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स्कूल शिक्षा विभाग ने माध्यमिक शिक्षा मंडल को भेजे पत्र में कहा है कि ब्लूप्रिंट में तार्किक और समय पर एक वाले प्रश्न शामिल किए गए हैं। जबकि कोरोना काल में स्कूल बंद होने की वजह से बच्चों को नियमित कक्षाएं उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में बिना अभ्यास के विद्यार्थियों द्वारा तार्किक प्रश्न पत्र को हल करना आसान नहीं होगा और इससे छात्रों के रिजल्ट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग ने कहा कि 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए अचानक कोई परिवर्तन करना छात्र हित में नहीं है।

बता दें कि इससे पहले 7 सितंबर को माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष राजस्थान जुलानिया द्वारा दूरदर्शन पर शुरू की जा रही कक्षाओं को 6 सितंबर को स्कूल शिक्षा विभाग निर्देश देकर रोक लगा दी थी। विभाग ने माध्यमिक शिक्षा मंडल से सत्र 2020 तक इसके लिए दो बार परीक्षाओं के आयोजन पर भी सवाल पूछा है। बता दें कि माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस बार दो प्रमुख परीक्षा का आयोजन करने का निर्णय लिया है। जिसमें प्रथम परीक्षा 30 अप्रैल, द्वितीय परीक्षा 1 जुलाई से शुरू होगी। वही स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि यदि 1 जुलाई से प्रारंभ हुई परीक्षा को विश्वविद्यालय या अन्य उच्च शिक्षा संस्थान मान्यता प्रदान नहीं करेंगे तो छात्रों को काफी कठिनाई आ सकती है।