कम्प्यूटर बाबा का गिरगिटी रंग, बोले- ‘राम मंदिर पर मोदी के साथ’

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भोपाल| विधानसभा और लोकसभा चुनाव में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कट्टर विरोधी बनकर कांग्रेस और दिग्विजय सिंह का खुलकर प्रचार करने वाले कंप्यूटर बाबा के चुनाव नतीजों के बाद तेवर नरम पड़ गए हैं| बाबा ने बीजेपी की प्रचंड जीत पर मोदी को बधाई दी है और यह भी ऐलान किया है कि पूरा संत समाज मोदी के साथ है, अगर वो राम मंदिर का निर्माण कराते हैं, और राम मंदिर की बात करते हैं तो मैं भी उनके साथ हूँ| कंप्यूटर बाबा इंदौर में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे| 

दिग्विजय सिंह भोपाल में चुनाव हार गए, जबकि कंप्यूटर बाबा ने भोपाल में दिग्विजय के समर्थन में यज्ञ किया और हठयोग करने के बाद रोडशो भी किया| साथ ही भविष्यवाणी भी की थी कि दिग्विजय हर हाल में चुनाव जीतेंगे और मोदी दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे| लेकिन अब चुनाव नतीजों में बीजेपी को प्रचंड जनादेश मिला है और कांग्रेस की करारी हार हुई है| ऐसे में कंप्यूटर बाबा जो अब तक बीजेपी को अधर्मी पार्टी बता रहे थे अब मोदी के लिए उन्होंने फिर रंग बदल दिए हैं| कंप्यूटर बाबा ने कहा जनता का जनादेश लोकतंत्र में सर्वोपरि होता है और देश ने जनादेश मोदीजी को दिया है, इसके लिए उन्हें बधाई, पूरा संत समाज उन्हें बधाई देता है इस आशा से कि जनता के भरोसा पर वे खरे उतरेंगे| दिग्विजय के लिए मिर्ची यज्ञ करने वाले महामंडलेश्वर वैराग्यानंद गिरी महाराज को लेकर भी कंप्यूटर बाबा ने कहा मेरे पास भी फ़ोन आ रहे हैं कि कब समाधि लेंगे| उन्होंने कहा मेने ऐसा नहीं कहा था, यह किसी और संत ने कहा था| 

दिग्विजय अच्छे है..क्यों हारे कांग्रेस देखे 

कंप्यूटर बाबा ने कहा हर संत मोदी जी के लिए खड़ा रहेगा अगर वो राममंदिर का निर्माण शुरू करवा दें| अगर राममंदिर का निर्माण शुरू नहीं कराते हैं तो उनके खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी| वही दिग्विजय सिंह की हार पर कंप्यूटर बाबा ने कहा दिग्विजय बड़े अच्छे व्यक्ति है, उन्होंने चुनाव भी बड़े अच्छे ढं��� से लड़ा, कांग्रेस ने इसमें क्या किया यह वो देखे क्यूंकि हम संत है और संत समाज ने समर्थन दिया था| क्यों हारे इसके लिए कांग्रेस अवलोकन करे|  संत समाज ने निष्ठा से काम किया दिग्विजय क्यों हारे यह राजनीतिक विषय है|  

बता दें कि कंप्यूटर बाबा के बदलते रंग पहले भी देखने को मिल चुके हैं| नर्मदा यात्रा में घोटाले के खिलाफ यात्रा निकालने वाले बाबा को शिवराज सरकार ने राज्यमंत्री का दर्जा दिया था| जिसके बाद उनकी यात्रा रद्द हो गई थी| जिसके कुछ महीना बाद उन्होंने शिवराज के तोहफे को ठुकराते हुए पद से इस्तीफा दे दिया| जिसके बाद विधानसभा चुनाव में खुलकर कांग्रेस का समर्थन किया और चुनावी सभाएं भी की और मोदी और शिवराज पर जमकर बरसे| कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद कंप्यूटर बाबा को ‘मां नर्मदा, मां शिपरा और मां मंदाकिनी नदी न्यास’ का अध्यक्ष बना दिया और लोकसभा चुनाव में भी बाबा हजारों संतो के साथ भोपाल में कांग्रेस का प्रचार करते नजर आये| लेकिन परिणाम उलट आये और कंप्यूटर बाबा दिग्विजय को जीत दिलाने में सफल नहीं हो पाए| अब एक बार फिर उनके तेवर सियासी चर्चा बटोर रहे हैं|