MP में लापरवाही पर 1 निलंबित, 18 कर्मचारियों को नोटिस, 2 की सैलरी काटी, 2 की वेतनवृद्धि रोकी

प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहे 18 कर्मचारियों को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ गिरीश कुमार मिश्रा ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में शासकीय कामों में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई की गई है। झाबुआ में सरकारी सिविल अस्पताल में ग्रामीण आदिवासियों से प्रसव के बाद अवैध वसूली के मामले में CMHO डॉ. जयपालसिंह ठाकुर ने 1 स्टाफ नर्स किरण तोमर को निलंबित (Suspended) कर दिया गया है। किरण तोमर का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राणापुर रहेगा। नर्स बिना पूर्व अनुमति प्राप्त किए मुख्यालय नहीं छोड़ेगी। वही पेटलावद BMO डॉ.एमएल चौपड़ा ने स्वीपर स्वीपर राधाबाई बसोड़ को निष्कासित करने के आदेश जारी किया है।इसके अलावा बालाघाट में 18 कर्मचारियों को नोटिस, हरदा में 2 का वेतन काटने और ग्वालियर में  सहायक स्वास्थ्य अधिकारी की 2 वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए है।

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हरदा में समाधान एक दिवस कार्यक्रम के तहत चिन्हित सेवाएं लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से आवेदक को एक ही दिन में उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिये अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर उन्हें आवेदनों का एक दिवस में निराकरण करना होता है। मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के करताना में पदस्थ कर्मचारी विशाल मालवीय की ड्यूटी समाधान एक दिवस के तहत लोक सेवा केन्द्र टिमरनी में लगाई गई थी लेकिन 13 अक्टूबर व 27 अक्टूबर बिना किसी अनुमति के लोक सेवा केन्द्र में अनुपस्थित रहे, जिससे आवेदकों को सेवाएं देने में विलम्ब हुआ। इस पर कार्यवाही करते हुए कलेक्टर संजय गुप्ता ने मालवीय का दो दिवस का वेतन काटने के आदेश जारी किये है।

18 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस

बालाघाट में 17 एवं 18 दिसंबर के प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहे 18 कर्मचारियों को कलेक्टर (Balaghat Collector) एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ गिरीश कुमार मिश्रा ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि क्यों न इस लापरवाही के लिए उनकी 3 वेतन वृद्धि रोकी जाये। इन कर्मचारियों को सात दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने कहा गया है।इन कर्मचारियों को सात दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने कहा गया है। समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एक पक्षीय कार्यवाही की जायेगी।

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जिन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है उनमें पलहेरा स्कूल के लेखापाल रवि पालेवार, पशु चिकित्सा विभाग के कन्हैया लाल मर्सकोले, ID बोरकर, ITI बैहर के शैलेन्द्र नागेश्वर, नवीन बारिक, जैतपुरी के शिक्षक लालरतन शाह, खेल परिसर बैहर के कोच रायसिंह कुशराम, लेंडेझरी के शिक्षक सरेन्द्र टेंभरे, टिहलीबाई स्कूल वारासिवनी के शिक्षक बीएस ताराम, सुशील हरिनखेड़े, भरवेली के शिक्षक अश्वन गराड़े, चांगोटोला के प्रधान पाठक प्रमसिंह मरावी, डोंगरगांव-लांजी के प्रधान पाठक लेखराम लिल्हारे, भेंडारा के प्रधान पाठक सुरेश नगपुरे, नेवरगांवकला के प्रधान पाठक कपूरचंद रिनायत, परसवाड़ा के शिक्षक जीवनलाल जिजोते, बक्कर के शिक्षक गुनीराम भोयर, साल्हे के शिक्षक रेखलाल रहांगडाले शामिल है।

 सहायक स्वास्थ्य अधिकारी की 2 वेतन वृद्धि रोकी

ग्वालियर में सीएम हेल्पलाइन पोर्टल (CM Helpline Portal) पर प्राप्त शिकायतों के निराकरण में उदासीनता बरतना दो शासकीय सेवकों को भारी पड़ा है। कलेक्टर (Gwalior Collector) कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने अलग-अलग आदेश जारी कर एक शासकीय सेवक की दो वेतन वृद्धियाँ रोक दी हैं और एक वरिष्ठ अधिकारी को सख्त चेतावनी दी गई है।

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कलेक्ट्रेट स्थित लोक सेवा प्रबंधन विभाग के कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक नगर निगम के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी राजेन्द्र सिंह विक्रम द्वारा सीएम हैल्पलाइन पोर्टल पर साफ-सफाई व स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित 22 शिकायतों के निराकरण पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस वजह से ये शिकायतें उच्च स्तर पर अंतरित हो गईं। यह अनियमितता पाए जाने पर कलेक्टर सिंह द्वारा उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का जवाब समाधानकारक न पाए जाने पर कलेक्टर ने उनकी दो वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है।