मप्र पंचायत चुनाव: नया परिसीमन निरस्त, आरक्षण भी पूर्ववत, जल्द होगा तारीखों का ऐलान

इसके तहत अब सभी जिला, जनपद या ग्राम पंचायतों में पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी। जो पद जिस वर्ग के लिए आरक्षित है अब वही रहेगा।

पंचायत चुनावों

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश में लंबे समय से टल रहे पंचायत चुनावों (MP Panchayat Election 2021) का इंतजार खत्म होने वाला है।शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने पंचायत चुनावों का रास्ता साफ कर दिया है।इसके तहत अब एक साल बाद भी चुनाव नहीं होने से पंचायतों का नया परिसीमन निरस्त कर दिया गया है यानि परिसीमन के बाद जिन पंचायतों के चुनाव नहीं हुए वहां पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी और आरक्षण भी पूर्ववत रहेगा। आज चुनाव आयोग की बैठक होना है, ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही चुनावों की तारीख और आचार संहिता का ऐलान किया जा सकता है।

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दरअसल, प्रदेश की शिवराज सरकार ने फैसला किया है कि ऐसी पंचायतें जहां बीते एक वर्ष से चुनाव नहीं हुए हैं, उनका परिसीमन निरस्त कर दिया है। इसके लिए सरकार ने मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) अध्यादेश-2021 की अधिसूचना जारी की है। इसके तहत अब सभी जिला, जनपद या ग्राम पंचायतों में पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी। जो पद जिस वर्ग के लिए आरक्षित है, वही रहेगा।हालांकि यह व्यवस्था उन पंचायतों में लागू नहीं होगी, जिसके क्षेत्र किसी नगरीय क्षेत्र में सम्मलित किए गए हैं।

राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने है कि कहा कि पूर्व परिसीमन एवं उसके बाद किये गये परिसीमन का मिलान कर ऐसी पंचायतों की विकाखण्डवार जानकारी तैयार करें, जिनके क्षेत्र/वार्ड की सीमा में परिवर्तन हुआ है। यह जानकारी आगामी 25 नवम्बर तक राज्य निर्वाचन आयोग को भिजवाना सुनिश्चित करें। जिला स्तर पर विकासखण्ड को इकाई मानते हुए यह जानकारी तैयार करें कि कितनी ग्राम पंचायतें नवीन परिसीमन में प्रभावित हुई हैं। नये परिसीमन के दौरान ग्राम पंचायतों की संख्या में कमी/वृद्धि होने अथवा सीमा क्षेत्रों परिवर्तन होने की स्थिति में ऐसी पंचायतों की विकाखण्डवार जानकारी तैयार करें। ग्राम पंचायत के वार्डों का क्षेत्र यदि परिवर्तित हुआ, तो इसकी जानकारी भी तैयार करें।

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बता दे कि कमलनाथ सरकार ने सितंबर 2019 में प्रदेश में जिले से लेकर ग्राम पंचायतों तक नया परिसीमन लागू किया था, जिसके बाद करीब 1200 नई पंचायतें बनी थीं और 102 ग्राम पंचायतों को समाप्त कर दिया था, जिसे पंचायत चुनाव से पहले शिवराज सरकार ने बदल दिया है। इस फैसले के बाद अब पंचायत चुनाव का रास्ता साफ हो गया है और जल्द ही तारीखों का ऐलान हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि नवंवर के अंत तक इस पर फैसला हो सकता है और दिसंबर में आचार संहिता लगाई जा सकती है।

बता दे कि मध्यप्रदेश में 23,835 ग्राम पंचायतें हैं। 904 जिला पंचायत सदस्य और 6035 जनपद सदस्य त्रि-स्तरीय पंचायत का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष- 52, जिला पंचायत उपाध्यक्ष- 52, जनपद पंचायत अध्यक्ष- 313, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष- 313, जिला पंचायत के सदस्य- 904, जनपद पंचायत के सदस्य- 6833, सरपंच- 23912, पंच- 3,77,551 शामिल है। इससे पहले 2014-15 में पंचायत चुनाव हुए थे। इससे 2020 तक उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है। बता दें कि परिसीमन से पहले प्रदेश में प्रदेश में 22 हजार 812 पंचायतें थीं।

पढ़े चुनाव से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां

  • पंचायत चुनाव के लिए पंच, सरपंच, जनपद पंचायत तथा जिला पंचायत सदस्य के अभ्यर्थियों को अपने नाम-निर्देशन पत्र के साथ पंचायत को देय समस्त शोध्यों का अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
  • नाम निर्देशन पत्र के साथ अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने वाले नाम-निर्देशन पत्र निरस्त कर दिया जाएगा। अदेय प्रमाण पत्र, नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा के लिए निर्धारित तिथि एवं समय तक संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
  • इसके तहत अदेय प्रमाण पत्र निर्वाचन घोषणा के पूर्व के वित्तीय वर्ष तक का प्रस्तुत करना होगा। अर्थात यदि माह दिसंबर 2014 में निर्वाचन की घोषणा होती है तो 31 मार्च 2014 की स्थिति में अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
  • निर्धारित प्रारूप में अदेय प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत के लिए सचिव द्वारा, जनपद पंचायत के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा और जिला पंचायत के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा जारी किया जाएगा।अभ्यर्थी द्वारा जिस पंचायत के लिए नाम-निर्देशन पत्र भरा जा रहा है, उस पंचायत का अदेय प्रमाण पत्र, नाम-निर्देशन पत्र के साथ संलग्न करना अनिवार्य होगा।
  • जिला एवं जनपद पंचायत सदस्य पद के अभ्यर्थियों को ऑनलाईन नाम निर्देशन ‘‘ऑलिन’’ एप्लीकेशन के माध्यम से भरने की अतिरिक्त सुविधा प्रदान की गई हैं। यह सुविधा अनिवार्य नही हैं अभ्यर्थी स्वेच्छा से इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
  • निजी कम्प्यूटर अथवा लैपटॉप पर ऑनलाईन नाम निर्देशन पत्र भरे जा सकते हैं। इसके अलावा MP online कियोस्क पर तथा लोक सेवा केन्द्रों पर सेवा शुल्क 35 रूपये प्रति नॉमीनेशन फार्म संलग्नक सहित एवं 5 रूपये प्रति प्रिंट आऊट पर कर सकते हैं तथा RO कार्यालय में स्थापित सुविधा केन्द्र पर यह निःशुल्क किया जा सकता हैं।
  • ऑनलाईन नाम निर्देशन भरते समय अभ्यर्थी के पास मोबाईल फोन, चल-अचल संपत्ति का विवरण, आपराधिक प्रकरणों के सबंध में अभ्यर्थी का शपथ पत्र, अभ्यर्थी और प्रस्तावक का मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से संबंधित जानकारी अर्थात ग्राम पंचायत एवं खण्ड का नाम, वार्ड क्रमांक और मतदाता सूची का क्रमांक तथा प्रतिभूति निक्षेप राशि जमा करने की रसीद इत्यादि होना चाहिए।
  • ऑनलाईन नाम निर्देशन पत्र जमा करने का समय प्रात: 10:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा। वहीं नाम निर्देशन की अंतिम तारीख को प्रात: 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक यह सुविधा उपलब्ध होगी। नाम निर्देशन पत्र भरने के लिए निजी कम्प्यूटर या लेपटॉप पर MP Online कियोस्क, लोकसेवा केन्द्र और रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय में स्थापित सुविधा केन्द्र पर जमा किए जा सकेंगे।