MP Police: 31 मार्च से 700 थानों में शुरु होगी ये सुविधा, इस स्तर के पुलिसकर्मी होंगे शामिल

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में तेजी से बढ़ रहे महिला अपराधों (Women’s Crime) पर  अब लगाम लगेगी।इसके लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) के निर्देशानुसार महिला अपराधों की प्रभावी रोकथाम के लिये मप्र पुलिस (MP Police) द्वारा केन्द्र सरकार के आर्थिक एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से सभी जिलों के 700 थानों (MP Police)  में ‘ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क” स्थापित की जा रही है। 31 मार्च बुधवार को प्रकाश श्रीवास्तव, प्रशासनिक न्यायाधिपति उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा इसका ऑनलाइन शुभारंभ किया जाएगा।

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दरअसल, महिलाओं के प्रति हो रही हिंसा के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही के लिये मध्यप्रदेश पुलिस (MP Police) द्वारा महिला डेस्क को पुलिस द्वारा की जाने वाली समस्त प्रकार की प्राथमिक कार्यवाही सहित एक आदर्श मानकीकृत प्रक्रिया (SOP) उपलब्ध करायी जा रही है, जिसका उद्देश्य पीड़ित महिला की सहानुभूतिपूर्वक सुनवाई करना, उचित वातावरण उपलब्ध कराना, कानूनी प्रक्रिया की जानकारी देना तथा अन्य स्वयंसेवी समूह से यथोचित सहायता उपलब्ध कराना है।

इसमें महिला डेस्क को मुख्य रूप से महिला, बच्चे एवं बुजुर्गों को ध्यान में रखते हुए कार्यवाही करने के लिये निर्देशित किया गया है। महिला डेस्क खोले जाने के पूर्व ही इसके लिये आधारभूत तैयारी कर ली गयी है। इसमें उन थानों का चयन किया गया है, जहाँ अन्य थानों की तुलना में महिला अपराध अधिक हैं।

महिला डेस्क के लिये पृथक कक्ष, महिला अधिकारी की पद-स्थापना एवं प्रसाधन कक्ष की व्यवस्था भी होगी। प्रत्येक जिले में महिला डेस्क के नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और उप पुलिस अधीक्षक (MP Police) स्तर के होंगे तथा थाना प्रभारी के नियंत्रण एवं निर्देशन में ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क का संचालन महिला उप निरीक्षक और सहायक उप निरीक्षक द्वारा किया जायेगा।

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‘ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क” के ऑनलाइन (Online) शुभारंभ अवसर पर गृह विभाग, महिला-बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, सामान्य प्रशासन, अनुसूचित-जाति एवं जनजाति विभाग, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग और सहकारिता एवं श्रम विभाग के प्रमुख सचिव और अपर प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी ऑनलाइन सम्मिलित होंगे। NIC के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारी एवं जोनल, जिला एवं थाना स्तर तक के पुलिस अधिकारी भी शामिल होंगे।