MP Weather Update : इस बार मप्र में टूटेगा रिकॉर्ड, पड़ेगी कड़ाके की ठंड

मौसम विभाग की माने तो वर्तमान में एक प्रति चक्रवात (Cyclone) गुजरात और उससे लगे पश्चिमी मप्र पर बना हुआ है, जिसके चलते मालवा-निमाड़ में हवा का पैटर्न अभी बीच-बीच में पूर्वी हो रहा है, हालांकि इसका असर समाप्त होते ही इंदौर और  उज्जैन संभाग में भी ठंड का असर बढ़ने लगेगा।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। नवंबर (November) का महिना लगते ही मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में गुलाबी ठंड का अहसास होने लगा है। वही तापमान में गिरावट दर्ज की जाने लगी है। मौसम विभाग (Weather Department) की माने तो हिमाचल और उत्तराखंड में हुई बर्फबारी (Snowfall) के चलते हवा में लगातार सूखापन बन रहा है और नमी में कमी आ रही है, जिसके चलते आने वाले 3 से 4 दिनों में मध्य प्रदेश (MP) के अधिकांश हिस्सों में धीरे-धीरे तापमानों (Temperature) में 3 से 4 डिग्री की गिरावट होने की संभावना बन रही है।

खास बात ये है कि 3 नवंबर (3 November) को रात का तापमान सीजन का सबसे कम 12.8 डिग्री दर्ज किया गया। 10 साल में यह पहला मौका है जब तापमान इतना लुढ़का हो, यह सामान्य से 3 डिग्री ही कम है। अगर बीते साल की बात करे तो यह तुलना में रात का तापमान करीब 10 डिग्री कम है। पिछले साल 3 नवंबर काे रात का तापमान 22.2 डिग्री दर्ज किया गया था। इधर, दिन का तापमान 30.3 डिग्री दर्ज किया गया। इसमें भी 0.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विभाग की माने तो वर्तमान में एक प्रति चक्रवात (Cyclone) गुजरात और उससे लगे पश्चिमी मप्र पर बना हुआ है, जिसके चलते मालवा-निमाड़ में हवा का पैटर्न अभी बीच-बीच में पूर्वी हो रहा है, हालांकि इसका असर समाप्त होते ही इंदौर और  उज्जैन संभाग में भी ठंड का असर बढ़ने लगेगा।वही राजधानी भोपाल (Bhopal) और आसपास के क्षेत्रों में अचानक ठंड बढ़ गई है। इसी क्रम में रायसेन में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
नवंबर-दिसंबर में पड़ेगी जबरदस्त ठंड
मौसम विभाग इस बार पहले ही अधिक सर्दी पडऩे की बात कह चुका है कि प्रशांत महासागर में ला-निना के असर से नवंबर-दिसंबर माह में मध्य प्रदेश में भी जबरदस्त ठंड पड़ेगी।  नवंबर-दिसंबर (November-December) माह में उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात के साथ जबरदस्त बर्फबारी होगी। पहाड़ों पर बर्फ जमने से सर्द उत्तरी हवाएं ठंड में इजाफा करेंगी।इसका प्रभाव-जनवरी-2021 में रहने की संभावना है। सामान्य तौर पर ला-निनो कोल्ड विंटर के लिए जाना जाता है। इसके प्रभाव से वायुमंडलीय हवा के ऊपरी भाग के पैटर्न में बदलाव के आसार हैं। जिसके कारण पश्चिमी विक्षोभ की संख्या में वृद्धि होगी। इससे उत्तर भारत में वर्षा तथा बर्फबारी की आवृति अधिक होगी। इस वजह से उत्तर-पश्चिमी भारत एवं मप्र में उत्तरी हवाओं के आने के कारण कड़ाके की ठंड पडऩे की संभावना है।
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