MP Weather : पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम, छाएंगे बादल, इन जिलों में बारिश के आसार, जानें IMD पूर्वानुमान

ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के 15 जिलों में 22 जनवरी से 3 दिन तक हल्की बारिश होगी, इन जिलों में 21 जनवरी से बादल छाएंगे। राजधानी भोपाल में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। यहां बादल छा सकते हैं।

MP Weather Alert Today : मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिलेगा। 22 जनवरी से प्रदेश में फिर ठंड तेज होगी। वही नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 23 जनवरी से 26 जनवरी तक ग्वालियर चंबल संभाग समेत कई जिलों में बादल छाएंगे और बूंदाबांदी भी होगी।आज 20 जनवरी को ग्वालियर, उमरिया, छतरपुर और दतिया में शीतलहर और 14 से 16 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से सर्द हवाएं चलेंगी।

21 से छाएंगे बादल, 22 से बारिश के आसार

एमपी मौसम विभाग (MP Weather Update ) के अनुसार,  जम्मू कश्मीर में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इसका असर ग्वालियर चंबल संभाग पर 21 जनवरी से दिखने लगेगा। दो दिन बाद फिर ग्वालियर-चंबल, भोपाल-इंदौर समेत सभी शहरों में ठंड का असर देखने को मिलेगा। ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के 15 जिलों में 22 जनवरी से 3 दिन तक हल्की बारिश होगी, इन जिलों में 21 जनवरी से बादल छाएंगे। राजधानी भोपाल में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। यहां बादल छा सकते हैं। हालांकि, बारिश होने की संभावना नहीं है।26 जनवरी के बाद फिर ठंड जोर पकड़ेगी, जिसका असर जनवरी अंत तक रहेगा।

इन जिलों में बारिश की संभावना

एमपी मौसम विभाग (MP Weather Forecast)के अनुसार,  ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, मुरैना, भिंड समेत बुंदेलखंड के दतिया, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह, निवाड़ी और पन्ना में हल्की बारिश होने के आसार है। 22 से 24 जनवरी तक मौसम ऐसा ही रहेगा।26 जनवरी तक सागर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, इंदौर, बड़वानी, इटारसी, रायसेन, विदिशा समेत कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। भोपाल-इंदौर में 27 जनवरी को बादल छाने के साथ हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं।

पश्चिमी विक्षोभ का दिखेगा असर

एमपी मौसम विभाग (MP Weather Update)के अनुसार,   पश्चिमी विक्षोभ पूर्व की ओर पहुंचेगा तब 23 से 23 जनवरी के बीच इसका असर ग्वालियर-चंबल संभाग के ऊपर दिखेगा। इससे बूंदाबांदी के आसार बनेंगे। बूंदाबांदी होने से कोहरे के साथ ठंड की वापसी होगी। 25 जनवरी से संभावित है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के जाते ही बादल छंटेंगे और 26 जनवरी से तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। पश्चिमी मध्यप्रदेश की तुलना में पूर्वी मध्यप्रदेश में इतनी ठंड नहीं रहेगी।