विवादों में घिरा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का यह आदेश, वापस लेने की मांग

गुप्ता ने कहा कि एक तरफ मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सरकार बेरोजगार (Unemployed) नौजवानों को रोजगार मेले लगाने का छद्म परोस रही है और दूसरी तरफ बैंकों (Bank) से कह रही है कि जिन बेरोजगारों का लोन स्वीकृत हो चुका है और उनका वितरण नहीं हुआ है उसका डिसबर्समेंट रोक दिया जाए।

शिवराज सिंह चौहान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) के युवाओं को लोन ना देने के एक आदेश ने मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में खलबली मचा दी है। इसमें सभी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री युवा, स्वरोजगार और कृषक उद्यमी योजना के तहत लोन देने की प्रक्रिया फिलहाल बंद दें। इस आदेश के जारी होते ही कांग्रेस हमलावर हो गई है और वापस ना लेने पर आंदोलन की धमकी दे डाली है।

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मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता (Bhupendra Gupta, Congress Vice President of Media) ने एमएसएमई विभाग द्वारा जारी यह सर्कुलर मध्य प्रदेश के लाखों बेरोजगारों के साथ जो उद्यमी बनना चाहते हैं एक बड़ा धोखा है। शिवराज सरकार (Shivraj Government) से तत्काल निर्देश वापस लेने की मांग की। अगर आदेश वापिस न लिया गया तो बेरोजगारों के आंदोलन (Movement) के लिये सरकार जिम्मेदारी होगी।वही बेरोजगारों के साथ हुए इस छल और उन्हें हताश करने वाले फैसले के लिए माफी मांगने की अपील की।

गुप्ता ने कहा कि एक तरफ मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सरकार बेरोजगार (Unemployed) नौजवानों को रोजगार मेले लगाने का छद्म परोस रही है और दूसरी तरफ बैंकों (Bank) से कह रही है कि जिन बेरोजगारों का लोन स्वीकृत हो चुका है और उनका वितरण नहीं हुआ है उसका डिसबर्समेंट रोक दिया जाए।

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भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर (Aatmanirbhar Madhy Pradesh) बनाने का जो झूठा नारा दिया गया है, उसकी पहली पोल इस सर्कुलर ने खोल दी है। जो लोग अपने पांव पर खड़े होना चाहते हैं और अपना उद्योग खड़ा करने का साहस कर रहे हैं, उन बेरोजगार नौजवानों के लोन डिसबर्समेंट पर रोक लगाकर सरकार ने यह बता दिया है कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का नारा खोखला है और प्रदेश की जनता के साथ एक बड़ा धोखा है।

क्या है पूरा आदेश

दरअसल, मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने स्वरोजगार व कृषक उद्यमी योजना (Self Employment and Farmer Entrepreneur Scheme) के तहत बेरोजगारों को मिलने वाले लोन पर रोक लगा दी है।सभी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि योजना के तहत लोन देने की प्रक्रिया को फिलहाल बंद दें। यदि प्रकरण स्वीकृत हो चुके हैं, तो भी उसे रोक दे। इस संबंध में लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग विभाग (MSME) के सचिव विवेक पोरवाल ने 18 दिसंबर को स्टेट लेबल बैंकर्स कमेटी (SLBC) के संयोजक को पत्र भेजा है। जिसमें हवाला दिया गया है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में 14 दिसंबर 2020 को विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया है।

पोर्टल पर जानकारी अपलोड

राज्य सरकार की तरफ से इस संबंध में सीएम युवा उद्यमी और युवा स्व-रोजगार योजना पोर्टल पर भी सूचना जारी कर दी गई है। पोर्टल में लिखा गया है कि विभाग के आगामी आदेश तक आवेदन प्रक्रिया बंद कर दी गई है। विभाग से आदेश के बाद पोर्टल को दोबारा ओपन किया जाएगा। हालांकि पोर्टल रि-ओपन कब होगा, इसको लेकर कोई निश्चित डेट नहीं दी गई है।

 

विवादों में घिरा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का यह आदेश, वापस लेने की मांग