मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर, पंजीयन शुरु, जानें पूरी प्रक्रिया

किसानों को भुगतान जेआईटी के माध्यम से सीधे उनके खाते (Bank Account) में किया जायेगा।

pm kisan

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश के किसानों (mp farmers news) के लिए राहत भरी खबर है। गेहूं और मूंग के बाद समर्थन मूल्य (MSP) पर धान एवं ज्वार-बाजरे के उपार्जन के लिये किसानों का पंजीयन 15 सितम्बर से शुरु हो गया है, जो 14 अक्टूबर 2021 तक किया जायेगा। इसके लिए सभी जिलों में अलग अलग स्थान पर खरीदी केंद्र बनाए गए है, जो प्रात 7 बजे से सायंकाल 9 बजे तक खुले रहेंगे। हालांकि किसान रविवार एवं शासकीय अवकाश (Government Holiday) को छोड़कर समस्त कार्य दिवसों में पंजीयन करा सकते है।

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दरअसल, मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान एवं ज्वार-बाजरे के उपार्जन के लिये किसानों का पंजीयन (registration) 15 सितम्बर से 14 अक्टूबर 2021 तक किया जायेगा। समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिये धान का न्यूनतम मूल्य 1940 रूपये, ज्वार 2738 रूपये एवं बाजरा 2250 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जिला स्तर पर होने वाला पंजीयन विगत रबी एवं खरीफ की भांति इस वर्ष भी भू-अभिलेख के डाटाबेस के आधार पर किया जायेगा।

खास बात ये है कि इस बार किसानों को ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया को और अधिक सरल किया गया है।पंजीकरण के लिये जिन किसानों ने खरीफ एवं रबी के मौसम (Weather) में ई-उपार्जन पोर्टल पर अपना पंजीयन कराया था, उन्हें पुन: दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी। किसान द्वारा विगत वर्ष दिये गये आधार कार्ड (aadhaar card) और बैंक पासबुक (bank passbook) के आधार पर पंजीयन किया जा सकेगा। नये पंजीयन के लिए किसानों को यह दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

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पंजीकृत किसानों की सूची रकबा एवं फसल की सूची कृषक के अवलोकन के लिये प्रत्येक ग्राम पंचायत कार्यालय एवं पंजीयन केन्द्र पर चस्पा की जायेगी। इसके अलावा एनआईसी द्वारा पंजीयन केन्द्र एवं DMMPSCSC लॉगइन पर, जनपद पंचायत एवं पंजीयन केन्द्रों, ग्राम पंचायत के कार्यालय एवं जिला उपार्जन नियंत्रक कक्ष के दूरभाष क्रमांक के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

यहां समझे पूरी प्रक्रिया

  • किसान अब अपना पंजीयन डाटाएंट्री के अलावा एमपी किसान एप (MP Kisan App), प्राथमिक कृषि सहकारी साख संस्थाओं एवं विगत खरीफ वर्ष में उपार्जन और पंजीयन करने वाले महिला स्व-सहायता समूह एवं FPO द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र से भी करा सकेंगे।
  • इसके अलावा सिकमीदार एवं वनाधिकार पट्टाधारी अपना पंजीयन समिति, FPO और महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित केन्द्रों में ही करा सकेंगे। प्रदेश में 1718 पंजीयन केन्द्र बनाए गए है।
  •  वनाधिकार पट्टाधारी/सिकमीदार किसानों को वन पट्टा एवं सिकमी अनुबंध की प्रति उपलब्ध कराना होगी।
  • किसान से उपज के विक्रय के लिये 3 संभावित दिनांक प्राप्त की जायेंगी, जिसे पंजीयन के समय दर्ज किया जायेगा।
  • किसानों को भुगतान जेआईटी के माध्यम से सीधे उनके खाते (Bank Account) में किया जायेगा।
  • केवल राष्ट्रीयकृत एवं जिला केन्द्रीय बैंक की शाखाओं के एकल खाते ही मान्य होंगे।
  • किसान को बोई गई फसल की किस्म, रकबा तथा विक्रय योग्य मात्रा, फसल के भंडारण स्थान की जानकारी भी आवेदन में दर्ज कराना होगी।
  • सिकमी एवं बटाईदार श्रेणी के ऐसे किसान उपार्जन के लिये आवेदन कर सकेंगे, जिनके पास कुल रकबा 5 हेक्टेयर से अधिक नहीं होगा।
  • ऐसे किसानों के अनुबंध की एक प्रति पंजीयन कराने वाले व्यक्ति और कृषक द्वारा संबंधित तहसीलदार को उपलब्ध कराना होगा।
  • पंजीयन के समय सिकमी और बटाईदार के साथ मूल भू-स्वामी के आधार नम्बर की जानकारी भी ली जाएगी। पंजीयन के लिये 15 अगस्त 2021 तक कराये गये अनुबंध ही मान्य होंगे।
  • किसान गिरदावरी में दर्ज भूमि का रकबा एवं बोई गई फसल से संतुष्ट ने होने पर पंजीयन के पूर्व संशोधन हेतु गिरदावरी में दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
  • आपत्ति का निराकरण होने एवं ई-उपार्जन पोर्टल (e-procurement portal) पर किसान की संशोधित जानकारी आने पर ही पंजीयन किया जा सकेगा।
  • ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसानों के रकबा, फसल एवं किस्म का सत्यापन SDO/नायब तहसीलदार द्वारा किया जायेगा।