BAN VS ZIM: जिम्बाब्वे के खिलाफ T20 सीरीज के लिए बांग्लादेश ने टीम का किया ऐलान, ये अनुभवी खिलाड़ी टीम से बाहर

शुरूआती 3 मुकाबले के लिए टीम ने 15 सदस्यीय टीम का स्क्वॉड जारी कर दिया है। हालांकि इस टीम में बांग्लादेश के दो अनुभवी खिलाड़ी शामिल नहीं हैं।

Shashank Baranwal
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Bangladesh

BAN VS ZIM T20 Series: T20 विश्व कप 2024 के पहले बांग्लादेश अपने घरेलू मैदान में जिम्बाब्वे के खिलाफ 5 मैचों की T20 सीरीज खेलने जा रही है। इस T20 सीरीज की शुरूआत 3 मई से होने वाली है। वहीं शुरूआती 3 मुकाबले के लिए बांग्लादेश ने अपनी 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। आइए जानते हैं विस्तार से…

दो अनुभवी खिलाड़ी टीम में नहीं शामिल

शुरूआती 3 मुकाबले के लिए टीम ने 15 सदस्यीय टीम का स्क्वॉड जारी कर दिया है। हालांकि इस टीम में बांग्लादेश के दो अनुभवी खिलाड़ी शामिल नहीं हैं, जिसमें मुस्तफिजुर रहमान और शकीब अल हसन का नाम शामिल हैं। मुस्तफिजुर रहमान इस समय चेन्नई सुपरकिंग्स टीम से IPL खेल रहे हैं और 1 मई को पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच खेलने के बाद बांग्लादेश चले जाएंगे। हालांकि उनकी फिटनेस और हेल्थ को देखने के बाद ही अगले दो मैचों के लिए उन्हें टीम में शामिल किया जाएगा।

अनकैप्ड खिलाड़ी को किया गया शामिल

जिम्बाब्वे के खिलाफ बांग्लादेश ने 15 सदस्यीय टीम में एक अनकैप्ड खिलाड़ी तनजीद हसन तमीम को जगह दी है। इसके अलावा 18 महीने में बाद टीम में मोहम्मद शैफुद्दीन की वापसी हुई है। जबकि शकीब अल हसन टीम में अफिफ हुसैन को टीम में शामिल किया गया है।

ये रही टीम की स्क्वॉड

नजमुल हुसैन शांतो (कप्तान), तौहीद हृदॉय, लिटन दास, महमूद उल्लाह, जैकर अली अनिक, शाक महेदी हसन, तनजीद हसन तमीम, तनजीम हसन साकिब, तस्कीन अहमद, रिशाद हुसैन, शोरफुल इस्लाम, अफिफ हुसैन, मोहम्मद शैफुद्दीन, परवेज हुसैन इमोन और तनवीर इस्लाम।


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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है– खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो मैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।

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