मय के शौकीनों को झटका, प्रदेश में फिर बंद हुई शराब दुकानें, ये है कारण

भोपाल।

लॉकडाउन(lockdown) में प्रदेश में शिवराज सरकार(shivraj government) और शराब ठेकेदारों के बीच खिंच-तान जारी है। कुछ दिन पहले ही सरकार ने शराब ठेकेदारों(Liquor contractors) की मांग पूरी की थी। जिसके बाद मय ठेकेदारों ने लॉकडाउन में प्रदेश में शराब दूकान खोलने पर अपनी रजामंदी दी थी। लेकिन एक बार फिर सोमवार को शराब ठेकेदारों और सरकार(government) में विवाद की स्थिति बन गयी है। ठेकेदारों ने मांगें पूरी नहीं होने के कारण सोमवार शाम से शराब दुकानें बंद कर दीं है। वहीँ कुछ शराब दुकानें आज मंगलवार से भी बंद हो जाएगी।

दरअसल सोमवार को शराब ठेकेदारों ने कहा की सरकार द्वारा मांग पूरी नहीं किये जाने पर ये फैसला लिया गया है अब प्रदेश में 70% दुकानें बंद हो चुकी हैं। बाकी के आज बंद होने की सम्भावना है। ठेकेदार लाॅकडाउन में लाइसेंस फीस(license fee) कम करने और शराब की बिक्री पर एक्साइज ड्यूटी(excise duty) लेने की मांग कर रहे हैं। जिसको सरकार ने 10% महंगी दरों और दो महीने का ठेका अवधि बढ़ाने पर मंजूरी पूर्व में ही दे दी है किन्तु इससे भी विवाद नहीं सुलझा है।

बता दें कि प्रदेश में कुल 3605 शराब दुकानें है। इसमें विदेशी 1061 और देशी 2544 दुकानें है। बीती पांच मई को सरकार और ठेकेदारों के बीच सहमति के बाद दुकानें खुलनी शुरू हुई थीं। जिसके बाद शराब ठेकेदारों ने लॉकडाउन में लाइसेंस फीस को लेकर हाईकोर्ट में अर्जी दे दी है। इस पर 27 मई को हाईकोर्ट सुनवाई करेगा। इसी बीच सोमवार को सिर्फ भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित ग्वालियर, सिंगरौली, दतिया आदि जगहों पर शराब की दुकानें बंद रही।