विवेक अग्रवाल और कुमार पुरषोत्तम पर ‘बड़े खेल’ का आरोप

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इंदौर। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में सत्ता सूत्र अपने हाथों में रखने वाले आला अफसर प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल के निर्देश पर इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ कुमार पुरुषोत्तम ‘बड़े खेल’ में लगे हुए हैं। जिसकी भनक नई सरकार को नहीं लग पाई है। सीईओ कुमार पुरुषोत्तम ने विवेक अग्रवाल के कहने पर इंदौर के सुपर कॉरिडोर पर 300 करोड़ की लागत के बहुमंजिला काम्प्लेक्स का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रख दिया है। पूर्व सरकार में अग्रवाल नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख थे। हाल ही में हुए बदलाव के बाद उनका विभाग बदल दिया गया है लेकिन अभी भी उनकी तूती बोल रही है। 

सूत्रों का दावा है कि इस मामले में कॉन्ट्रेक्टर से अफसरों की 10 परसेंट की डील हुई है। सूत्रों ने यह भी बताया कि इंदौर विकास प्राधिकरण की वर्तमान आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वो इस भारी-भरकम प्रोजेक्ट का आर्थिक भार उठा सके। जानकर यह भी बताते हैं कि शहर में वैसे ही प्राधिकरण के हज़ारों फ्लेट/दुकानें सेल नहीं हो पा रही है ऐसे में सुपर कॉरिडोर पर 300 करोड़ रुपये फूंकना बेमानी है। इतनी बड़ी धनराशि से प्राधिकरण कई बड़े प्रोजेक्ट-ब्रिज शहर को दे सकता है। इस बीच खबर लगी है कि प्रशासनिक बोर्ड का फायदा उठाकर विवेक अग्रवाल और कुमार पुरषोत्तम कैसे भी बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दिलाना चाहते हैं ताकि भविष्य में राजनैतिक बोर्ड के हाथ में कुछ ना रहे।यह बैठक 2-3 दिनों में होने जा रही है। दोनों अफसरों ने इस प्रोजेक्ट के लिये इंदौर विकास प्राधिकरण को गले गले तक कर्जे में उतारने की योजना भी बना ली है। सीईओ ने प्राधिकरण को 1500 करोड़ का कर्जा दिलवाने सम्बन्धी कागज़ात भी तैयार करवा दिए हैं। दोनों अफसरों की कारगुजारी और दोनों मामले की जानकारी मुख्यमंत्री कमलनाथ,नगरीय विकास और आवास मंत्री जयवर्धन सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह को स-प्रमाण प्रेषित की जा चुकी है।