MP News : शिवराज कैबिनेट में जल्द आएगा यह प्रस्ताव, विभाग ने तैयार किया मसौदा

अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग (Urban Development and Housing Department) ने पुनर्घनत्वीकरण नीति 2016 (Reclamation Policy 2016) में संशोधन करने का फैसला लिया है।

सीएम शिवराज सिंह चौहान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। सत्ता में आने के बाद से ही खजाना खाली होने के चलते आर्थिक संकट से जूझ रही प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Government) लगातार आय के साधनों को बढ़ाने में जुटी है। राजस्व में बढोत्तरी के लिए आए दिन बड़े बड़े फैसले लिए जा रहे है। इसी कड़ी में अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग (Urban Development and Housing Department) ने पुनर्घनत्वीकरण नीति 2016 (Reclamation Policy 2016) में संशोधन करने का फैसला लिया है। इसे नगरीय निकाय चुनाव (Urban body Election) से जोड़कर देखा जा रहा है।

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इसके लिए एक मसौदा तैयार किया गया है, जिसमें अविवादित और अन्य राज्यों में  मध्य प्रदेश के स्वामित्व वाली संपत्तियों को नीति में शामिल किया जाएगा। यह प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में लाया जाएगा।  सूत्रों की मानें तो सरकार नीति में संशोधन कर  निगम, मंडल, प्राधिकरण और नगरीय निकायों (Urban bodies) के भवन या परिसर भूमि को इस्तेमाल कर सकती है।

वही इसके लिए राजस्व (Revenue Department ) वित्त (Finance Department), लोक निर्माण सहित अन्य विभागों का अभिमत लिया जा रहा है, ताकी पुनर्घनत्वीकरण नीति में संशोधन का प्रस्ताव पर सहमति बन सके और जल्द से जल्द अंतिम निर्णय के लिए इसे कैबिनेट में भेजा  जाए। इसके अलावा सरकार लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (Public asset management department) के माध्यम से विभिन्न विभागों की अनुपयोगी परिसंपत्तियों (Assets) को नीलाम करने की भी तैयारी में है।

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इसके लिए सभी विभागों को अपनी परिसंपत्तियों की जानकारी विभाग के पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए है और यह प्रक्रिया शुरु भी कर दी गई हैं। खास बात ये है कि विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई की लगातार समीक्षा मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस कर रहे हैं, जिसके चलते काम तेजी से हो रहा है।मध्य प्रदेश से सटे राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) महाराष्ट्र (Maharashtra) सहित अन्य राज्यों में कई संपत्तियां हैं, जिन्हें इस नीति में शामिल किया जा सकता है।

बता दे कि वर्तमान में मप्र सरकार (MP Government) पर कुल 2 लाख 8 हजार करोड़ रुपए का कर्ज (Loan) है। पिछले साल अप्रैल से लेकर अब तक 18 बार कर्ज लिया जा चुका है। वही बीजेपी सरकार (BJP Government) अपने 10 माह के कार्यकाल में 17,500 करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी है।अनुमान है कि सरकार मार्च 2021 तक 1373 करोड़ रुपए का कर्ज और ले सकती है।