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  • भोपाल। मध्य प्रदेश में आंधी तूफ़ान के साथ तेज बारिश और ओले ने जमकर तबाही मचाई है| आकाशीय बिजली की चपेट में आने से प्रदेश में पांच और लोगों की मौत के साथ ही इस बारिश में मृतकों की संख्या 20 हो गई। वहीं बारिश के कारण अलग अलग जिलों में खुले में रखा लाखों क्विंटल अनाज भीग गया | मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इन घटनाओं को बेहद दुखदायी बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की है। राज्य सरकार ने इस प्राकृतिक आपदा से पीड़ित परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की है।

राजधानी भोपाल के अलावा इंदौर, धार, शाजापुर, सीहोर, उज्जैन, खरगोन, बड़वानी, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, शिवपुरी, श्योपुर, भिंड, दतिया, जबलपुर समेत अन्य जिलों में दो दिन में तेज हवाओं के साथ बारिश हुयी और अनेक स्थानों पर बिजली भी गिरी।  बारिश की वजह से खुले में रखा हजारों क्विंटल अनाज बर्बाद हो गया। कई जगह बिजली गुल हुई और जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। बारिश से विंध्य-महाकोशल क्षेत्र ज्यादा प्रभावित रहा। इलाके में रविवार से मौसम में आए अचानक बदलाव के बाद मंगलवार देर रात और बुधवार सुबह हुई बारिश से खेतों में रखी कटी फसल और खरीदी केंद्रों में खुले में रखा सैकड़ों क्विंटल अनाज भीग गया।

 

आधे प्रदेश में बारिश बनी आफत 

इसके अलावा रीवा-सतना में रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही, सुबह भी बारिश हुई। नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तहसील में ओलों ने फसल पर खूब कहर ढाया। मंडला, दमोह में बारिश के साथ खूब ओले भी गिरे। जबलपुर में बुधवार शाम को भी बारिश हुई। अलग अलग सोसाइटियों में रखा हजारों क्विंटल गेहूं पानी में भीग गया, किसान परेशान होते रहे| शिवपुरी, श्योपुर, दतिया और भिंड जिले में समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों पर खुले में रखा 71 हजार क्विंटल गेहूं अफसरों की लापरवाही से भीग गया। ग्वालियर-चंबल में पिछले दाे दिनाें से रूक-रूककर बारिश हाे रही है, लेकिन खुले में रखे गेहूं काे गाेदामाें में सुरक्षित नहीं किया जा सका। वहीं मंदसौर में मंगलवार को जिले में 1.4 इंच बरसात दर्ज हुई। सर्वाधिक सुवासरा में 5 इंच व मंदसौर में 2.4 इंच दर्ज की गई। इससे समर्थन मूल्य पर खरीदे जा रहे गेहूं में भारी नुकसान हुआ है। किसानों व सोसायटियों का मिलाकर करीब 20 हजार क्विंटल गेहूं गीला हो गया। इतने गेहूं से जिले के करीब 1 लाख परिवार को एक माह की पूर्ति की जा सकती थी।

 

हजारों क्विंटल गेहूं भीगा

बारिश से विदिशा, सागर, होशंगाबाद, सीहोर सहित सभी जिलों में खरीदी केंद्रों और मंडियों में खुले में रखा लाखों क्विंटल गेहूं भीग गया। बारिश से गेहूं को बचाने के लिए अधिकांश खरीदी केंद्रों में इंतजाम नहीं किए गए थे। साथ ही समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदा गए गेहूं को वेयर हाउस तक भेजने में भी लापरवाही बरती गई। सागर में बुधवार शाम को बारिश के साथ ओले भी गिरे। ग्वालियर- चंबल अंचल के शिवपुरी, दतिया और टीकमगढ़ में ओलों ने फसल ही चौपट कर दी। वहीं मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, भिंड, टीकमगढ़ और ग्वालियर में बारिश से फसलों को खासा नुकसान हुआ है। इस बीच जगह-जगह बिजली के पोल उखड़ने से बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई।

 

तापमान में गिरावट

आसमान पर बादल बने रहने और तेज रफ्तार से हवा चलने के कारण पूरे प्रदेश में दिन के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज हुई। भोपाल में अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ,जो सामान्य से 7 डिग्री सेल्सियस कम रहा। बुधवार को सागर में 15.0, रीवा में 5.0, जबलपुर में 2.2, ग्वालियर में 2.0, खजुराहो में 2.0,पचमढ़ी में 1.0, सतना में 1.0 मिमी. बारिश दर्ज की गई।

 

दो दिन बारिश के आसार 

मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट है| वर्तमान में सिर्फ पश्चिमी राजस्थान पर एक प्रेरित कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है हालांकि वह भी कमजोर पड़ चुका है लेकिन दो दिन��ं में प्रदेश के विभिन्ना स्थानों पर हुई बरसात से वातावरण में नमी बढ़ गई है। इससे प्रदेश में एक-दो दिन तक कुछ स्थानों पर दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी।