मप्र में जारी रहेगा झमाझम का दौर, इन इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट

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भोपाल| मध्य प्रदेश में पिछले चार पांच दिनों से हो रही बारिश का सिलसिला अभी आगे भी जारी रहने वाला है| कई जिलों में लगातार हो रही बारिश के चलते बड़ी नदियां भी खतरे के निशान तक पहुँच गई हैं| वहीं कई जगह गांवों का शहरों से संपर्क टूट गया है, इस दौरान कही कहीं हाई वे भी बंद हुए| झमाझम बरसात ने प्रदेश का सामान्य बरसात का जुलाई का कोटा पूरा कर दिया है। विशेषकर पश्चिमी मप्र में बुधवार सुबह तक सामान्य से 16 फीसदी अधिक बरसात हो चुकी है। पूर्वी मप्र. में जुलाई का कोटा पूरा होने में 17 फीसदी की कमी है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों की अवधि में कई स्थानों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।  हालांकि, मंगवार रात से कई स्थानों में बारिश में कमी आने से थोड़ी राहत मिली है। लेकिन नदियां उफान पर हैं। अच्छी बारिश से प्रदेश के बांधों में लगातार पानी बढ़ रहा है। 

ऑरेंज अलर्ट के तहत कहीं-कहीं भारी से भारी बारिश भी हो सकती है। इंदौर, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, होशंगाबाद, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, जबलपु���, मंडला, बालाघाट, नरसिंहपुर, सिवनी, कटनी, भोपाल,रायसेन, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, पन्ना, सागर, टीकमगढ़, दमोह और छतरपुर जिलों में कहीं-कहीं भारी और भारी से भारी बारिश हो सकती है।  

इसलिए हो रही बारिश 

वर्तमान में एक कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पूर्वी मप्र और उसके आसपास बना हुआ है। मानसून ट्रफ(द्रोणिका लाइन) गुना से होकर गुजर रही है। इसके अतिरिक्त एक अन्य ट्रफ गुजरात से झारखंड तक बना है,जो उत्तर-पूर्वी मप्र पर बने कम दबाव के क्षेत्र से होकर गुजर रहा है। ये तीन सिस्टम की वजह से प्रदेश में अच्छी बरसात हो रही है। 

इन इलाकों में बारिश से बिगड़े हालात 

मध्य प्रदेश के अधिकाँश जिलों में जोरदार बारिश हो रही है, रुक रुक कर यह सिलसिला जारी है, लेकिन कुछ स्थानों पर सिर्फ बादल है| सीहोर में पिछले 24 घंटों में 250 मिलीमीटर से अधिक पानी बरसा है। यहां नर्मदा नदी खतरे के निशान से 12 फीट ऊपर बह रही है। सीहोर शहर में बाढ़ के हालात हैं और सैकड़ों घरों में पानी घुस गया। राजधानी भोपाल में भी कल रात से बारिश का सिलसिला जारी है।  भोपाल और रायसेन जिले में तीन दिन से हो रही बारिश के कारण बेतवा नदी के पुल पर से पानी बहने से विदिशा से सड़क संपर्क टूट गया है। रायसेन से करीब 11 किलोमीटर दूर बेतवा नदी पर बने पुराने पगनेश्वर पुल पर पानी बह रहा है और नया पुल निर्माणाधीन है। इससे रायसेन विदिशा का सड़क मार्ग अवरूद्ध है। वहीं होशंगाबाद में 6 दिन से लगातार बारिश हो रही है| पिछले साल से इस बार अब 0.5 इंच ज्यादा बारिश हो चुकी है।  श्योपुर में पार्वती नदी में उफान से खातौली पुल फिर डूब गया। इससे मंगलवार को श्योपुर-कोटा हाईवे फिर बंद हो गया। वहीं चार दिन बाद नैरोगेज ट्रेन का संचालन फिर शुरू हो गया है। वहीं, मालवा अंचल में हुई बारिश के चलते पार्वती नदी फिर से उफान पर आ गई है। लोगों को बड़ौदा से बांरा होते हुए कोटा जाना पड़ रहा है।  हरदा जिले में पांच दिन से रुक-रुक कर हाे रही जोरदार बारिश के कारण वनांचल व गांवों के नदी-नाले उफान पर हैं। हरदा, रहटगांव, टिमरनी, बालागांव, खिरकिया क्षेत्र के 90 गांवों के रास्ते 16 घंटों से बंद है। इधर, खंडवा-होशंगाबाद स्टेट हाईवे पर आशापुर के पास पुल बहने से सोमवार से आवागमन बंद है। लोगों को ट्रेनों व दूसरे रास्तों से घूमकर जाना पड़ रहा है।   राजगढ़ में बारिश के बाद नेवज, कालीसिंध, पार्वती सहित अन्य नदी, नालों का जलस्तर बढ़ गया। नेवज के उफान पर आने से मंगलवार सुबह मोहनपुरा डेम का सुबह एक गेट खोला गया और साढ़े तीन बजे दो गेट और खोले गए। इससे पहले सोमवार को डेम के पांच गेट खोले गए थे। अब तक डेम के कुल 8 गेट खोल दिए गए हैं, इससे नेवज नदी के छोटे पुल पर करीब चार फीट ऊपर तक पानी आ गया है।