पटाखा जलाते समय अगर जल जाते हैं तो तुरंत अपनाएं ये घरेलू उपाय, पढ़ें खबर

Shashank Baranwal
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Home Remedies For Crackers Burn

Home Remedies For Crackers Burn: दिवाली का त्यौहार इस साल 12 नवंबर को मनाया जाता है। दिवाली का त्यौहार रौशनी का त्यौहार माना जाता है। दिवाली के दिन लोग अपने घरों को दियें, मोमबत्ती और कई तरह की रंग बिरंगी लाइटों से सजाते हैं। इस दौरान बच्चे पटाखों को जलाने में सबसे आगे रहते हैं। पटाखों को जलाते समय सतर्क रहना चाहिए। क्योंकि पटाखों को जलाते समय जलने का डर बना रहता है। लेकिन फिर भी अगर पटाखों को जलाते समय अगर जल जाते हैं तो इन घरेलू उपायों को अपना सकते हैं।

एलोवेरा

दिवाली में पटाखे को जलाते समय अगर आप जल जाते हैं तो आप एलोवेरा का इस्तेमाल कर सकते हैं। क्योंकि एलोवेर में पाया जाने वाला एंटी बैक्ट्रीयल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण जलन में आराम देता है। यह इंफेक्शन के खतरे से बचाता है।

नारियल का तेल

दिवाली में पटाखा जलाते समय अगर आप जल गए हैं तो तुरंत नारियल का तेल का इस्तेमाल करें। इससे आपको बेहद आराम महसूस होगा।

ठंडा पानी

अगर आप दिवाली में पटाखा जलाते समय जल गए हैं तो प्राथमिक उपचार के तौर पर ठंडा पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं। ठंडा पानी का इस्तेमाल करने से आपको आराम महसूस होगा।

तुलसी का रस

पटाखा जलाते समय अगर आप जल जाते हैं तो आप तुरंत तुलसी का रस जले हुए स्थान पर लगाएं। इससे आपको जलन कम महसूस होगा और राहत मिलेगी।

घी

दिवाली में पटाखा जलाते समय गाय का घी लगाने पर आपको जलन से राहत मिलेगी।

(Disclaimer: यह जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध विभिन्न श्रोतों से ली गई है। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता है। इसे अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरुर लें।)


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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है– खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो मैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।

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