क्यों जरूरी है बारिश के बाद नॉर्मल पानी से नहाना ? जानिए कारण

बारिश के पानी में कई तरह के प्रदूषक और हानिकारक तत्व हो सकते हैं जो आपकी त्वचा और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए, बारिश में भीगने के बाद नॉर्मल पानी से नहाना बहुत जरूरी होता है।

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मानसून का आना वाकई खुशी की बात है। हर कोई बारिश की फुहारों का मजा लेना चाहता है, चाहे वो घर की खिड़की से आसमान को निहारना हो या फिर बारिश में थोड़ा भीग जाना। अक्सर अचानक बारिश में हम स्कूल या ऑफिस जाते समय भीग जाते हैं। ये पल वाकई काफी सुकून देने वाले होते हैं। लेकिन कई बार बचपन में हमने बड़ों से ये बात सुनी होगी कि बारिश में भीगने के बाद नहाना चाहिए, वो भी नॉर्मल पानी से। क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों जरूरी होता है? बारिश का पानी साफ दिखाई देता है, फिर भी उसके बाद नहाना क्यों पड़ता है? आज हम आपको इसी सवाल का जवाब देंगे। इस बारे में हमने जाने-माने हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर शाकिर रहमान से बात की है। आइए जानते हैं वो बारिश के पानी में नहाने के बाद नॉर्मल पानी से नहाने के बारे में क्या कहते हैं।

बारिश में भीगने के बाद क्यों नहाना चाहिए

आप सोच रहे होंगे कि बारिश का पानी तो साफ दिखाई देता है, फिर नहाने की क्या ज़रूरत है? असल में, बारिश का पानी जितना साफ दिखता है, उतना ही साफ नहीं होता। इसके पीछे कई कारण हैं, बारिश की बूंदें गिरते समय हवा में मौजूद धूल, मिट्टी और अन्य प्रदूषक तत्वों को अपने साथ बहाकर लाती हैं। शहरों में, बारिश का पानी अक्सर कारखानों और वाहनों से निकलने वाले रसायनों से दूषित होता है। बारिश का पानी खुले में जमा होने से उसमें जीवाणु भी पनप सकते हैं।

बारिश में भीगने से क्या होता है

इन प्रदूषकों के कारण त्वचा और बालों को कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जैसे बारिश के पानी में मौजूद प्रदूषक त्वचा को परेशान कर सकते हैं, जिससे खुजली, जलन और लालिमा हो सकती है। अगर आपको त्वचा से जुड़ी कोई एलर्जी है, तो बारिश के पानी में मौजूद एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों से आपकी एलर्जी और भी बढ़ सकती है। बारिश के पानी में मौजूद रसायन बालों को कमजोर बना सकते हैं, जिससे बाल झड़ने लगते हैं। बारिश के पानी में मौजूद जीवाणु त्वचा पर संक्रमण पैदा कर सकते हैं।

 

 


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भावना चौबे

भावना चौबे

इस रंगीन दुनिया में खबरों का अपना अलग ही रंग होता है। यह रंग इतना चमकदार होता है कि सभी की आंखें खोल देता है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि कलम में बहुत ताकत होती है। इसी ताकत को बरकरार रखने के लिए मैं हर रोज पत्रकारिता के नए-नए पहलुओं को समझती और सीखती हूं। मैंने श्री वैष्णव इंस्टिट्यूट ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन इंदौर से बीए स्नातक किया है। अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए, मैं अब DAVV यूनिवर्सिटी में इसी विषय में स्नातकोत्तर कर रही हूं। पत्रकारिता का यह सफर अभी शुरू हुआ है, लेकिन मैं इसमें आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हूं। मुझे कंटेंट राइटिंग, कॉपी राइटिंग और वॉइस ओवर का अच्छा ज्ञान है। मुझे मनोरंजन, जीवनशैली और धर्म जैसे विषयों पर लिखना अच्छा लगता है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है। यह समाज को सच दिखाने और लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। मैं अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करूंगी।

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