लॉकडाउन और भीषण गर्मी में गौसेवा में जुटे गौभक्त, नगर में घूमकर खिला रहे घास

आलीराजपुर। यतेंद्रसिंह सोलंकी
कोरोना वायरस जैसी गम्भीर बीमारी से लड़ने ओर बचाव के लिए भारत सरकार द्वारा 21 दिनों का लॉक डाउन घोषित किया हुआ हैं, इस लॉक डाउन से जहां गरीब वर्ग प्रभावित हुआ हैं वही सड़को पर घूम रहे आवारा पशु भी लॉक डाउन ओर भीषण गर्मी से परेशान हैं।

नगर में गरीब वर्ग के लिये दो वक्त का भोजन की व्यवस्था जागरूक संगठनों द्वारा की जा रही हैं वही भीषण गर्मी में परेशान आवारा पशुओं की सेवा के लिये गौसेवक आगे आये है। इसी के चलते गो रक्षा समिति के साथ मिलकर राम नवमी उत्सव समिति के कार्यकर्ता रोजाना नगर के उन सभी गली मोहल्लों में पहुंच रहे हैं जहां पर आवारा पशु बैठे रहते है। समिति के कार्यकर्ता उन्हें चारा खिलाकर उनकी सेवा करने का कार्य कर रहे है। इस कार्य मे रमेश सोमानी,सुरेश राठौड़,अक्षय गुप्ता,पीयूष राठौड़, दीपक शर्मा, सिद्धार्थ जैन, अभिषेक गेहलोत, यश गुप्ता जुटे हुए है जो प्रतिदिन गोसेवा के लिये  चारे की व्यवस्था कर 1 चार पहिया वाहन में चारा भरकर हर गली मोहल्ले में जा रहे है और जहां पर गाय दिख जाती है उन्हें चारा खिलाया जा रहा है। रविवार को पुलिस लाइन , टंकी ग्राउण्ड़, सोरवा नाका , पुराने पुलिस थाना , कचरा ग्राउण्ड़ , रामदेव मंदिर ,  टाकीज चौराहा, राजवाड़ा ,सिनेमा चोराहा आदि स्थानों पर पशुओं को चारा खिलाया गया।

राम नवमी उत्सव समिति के अध्यक्ष गिरिराज मोदी ने बताया कि कोरोना वायरस का कहर पूरे भारत में देखा जा रहा है, जिले में भी इसका असर देखने को मिल रहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए 21 दिनों का लॉक डाउन किया गया है, कोई भी गरीब परिवार इस विपत्ति के दौरान भूखा ना रहे हर गरीब परिवार को भरपेट भोजन मिले इसके लिए शहर के समाजसेवी आगे आकर मदद करने में लगे हुए हैं, कोई समाजसेवी गरीबों को खाद सामग्री वितरित कर रहा है तो कोई लंच पैकेट, उन्होंने बताया कि लॉक डाउन में गरीबों के साथ ही पशु पक्षी भी प्रभावित हो रहे हैं जिनकी सेवा करना हमारा दायित्व हैं। राम नवमी उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने लॉक डाउन के दौरान गौसेवा का बीड़ा उठाया हैं। समिति के कार्यकर्ता गो रक्षा समिति के साथ मिलकर गो सेवा कर रहे है। मोदी ने मानव सेवा और गो सेवा के इस कार्य मे जो लोग जुटे हुए सभी लोगो की प्रसंशा कर आभार माना हैं।