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खबर का असर: अशोकनगर सिविल सर्जन होम क्वारंटाइन, घर के बाहर लगे बैरिकेड्स

Written by:Pooja Khodani
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अशोकनगर, हितेन्द्र बुधौलिया। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में एक बार फिर MP Breaking News की खबर हे भगवान! कुर्सी बचाने के चक्कर में कलेक्टर सहित कईयों की जान खतरे में का असर हुआ है। रविवार को एंटीजन किट में कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी जिला चिकित्सालय (District Hospital) में अशोकनगर कलेक्टर (Ashoknagar Collector) के साथ घूम रहे  अशोकनगर सिविल सर्जन (Ashoknagar Civil Surgeon SS Chari) एसएस छारी को आखिरकार आज उनके घर में होम आईसोलेट (Home Isolate) कर दिया गया।कोरोना प्रोटोकॉल के तहत उनके घर के बाहर बैरिकेड्स लगा दिए गए।

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दरअसल, अशोकनगर के सिविल सर्जन की कुर्सी पर डॉ एसएस छारी पदस्थ है। रविवार को उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी, जिसकी पुष्टि खुद जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने की थी, लेकिन साहब हैं कि मानने को तैयार नहीं थे और बेधड़क कलेक्टर के साथ दौरे कर रहे थे, अधिकारियों के साथ मीटिंग ले रहे थे। इतना ही नही, बाकायदा भोपाल से होने वाली सभी वीडियो कॉन्फ्रेंस में भी बैठते रहे। लेकिन जब पत्रकारों ने छारी से पूछा कि वह कोरोना पॉजिटिव है या नहीं तो साहब ने सिरे से पॉजिटिव होने की बात ही नकार दी।

इस सवाल पर उन्होने जवाब दिया कि जो किट थी, वह घटिया क्वालिटी की थी और इसीलिए उसमें रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। जब उनसे कहा गया कि खुद सीएमएचओ कह रहे हैं कि आप पॉजिटिव हैं तो उन्होंने सीएमएचओ पर ही सवाल खड़े करते हुए कह दिया कि वह तो झूठ बोल रहे हैं। सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि उन्होंने एक और एंटीजन टेस्ट दूसरी किट से कराई जिसमें वह निगेटिव आए इसीलिए वह मानते हैं कि वह कोरोना पॉजिटिव नहीं है । उन्होंने यह भी कहा कि वे जब तक RTPCR जांच नहीं कराते तब तक खुद को कोरोना पॉजिटिव कैसे मान लें।

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इसके बाद आज सोमवार को खुद को कोविड पॉजिटिव मानने से इनकार कर रहे सिविल सर्जन के निवास पर बैरीकेड्स लगा दिए गए हैं। रविवार को जब मीडिया ने इस मामले को उठाया तो आखिर में अस्पताल प्रबंधन एवं जिला प्रशासन ने उनको कोविड संदेही मान ही लिया। कोविड-19 को लेकर एक तरफ डॉक्टर एवं प्रशासनिक अमले जनता से जागरूकता की अपील कर रहे हैं। वहीं सिविल सर्जन जैसे बड़े चिकित्सक ही इस तरह की लापरवाही बरतेंगे तो कोरोना के हालात और बिगड़ने से भला कोई कैसे रोक पाएगा।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
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