चाय नाश्ते का बिल भुगतान करने के बाद सहायक प्रबंधक ने मांगी 3500 रुपये की रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया

Atul Saxena
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Balaghat News, Assistant Manager arrested taking bribe

Lokayukta Action : सरकार के लाख दावों के बाद भी रिश्वतखोर अफसरों कर्मचारियों में कोई भय नहीं है, भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी बेख़ौफ़ रिश्वत मांग रहे हैं, ऐसे ही एक रिश्वतखोर सहायक प्रबंधक को लोकायुक्त पुलिस की जबलपुर टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, खास बात ये कि आरोपी ने मतदान कर्मियों को कराये गए चाय नाश्ते का बिल पास करने के बाद मात्र 3500 रुपये की रिश्वत मांगी और फंस गया ।

बालाघाट जिले की जनपद पंचायत पूर्व कार्यालय में संचालित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय में सहायक प्रबंधक नरेन्द्र सोनवाने ने जैसे ही शीतला माता आजीविका स्व सहायता समूह की सचिव राजेश्वरी पंचेश्वर से रिश्वत की राशि ली, वैसे ही ताक में बैठी लोकायुक्त पुलिस ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्यालय में लोकायुक्त पुलिस की इस कार्यवाही से हड़कंप मच गया।

जबलपुर लोकायुक्त पुलिस दल प्रभारी निरीक्षक रेखा प्रजापति ने बताया कि शीतला माता स्व-सहायता समूह सचिव राजेश्वरी पंचेश्वर ने जबलपुर लोकायुक्त एसपी को विगत 12 अक्टूबर को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहायक प्रबंधक नरेन्द्र सोनवाने द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। जिसकी शिकायत पर रिकॉर्डिंग से पुष्टि होने पर 02 नवंबर को  लोकायुक्त पुलिस ने कार्यालय में सहायक प्रबंधक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जिसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा रही है।

लोकायुक्त इंस्पेक्टर ने बताया कि शिकायतकर्ता के मुताबिक 2022 के पंचायत चुनाव में मतदान कार्य में लगे कर्मचारियों के लिए उनके समूह ने चाय नाश्ता, भोजन  सप्लाई किया था जिसका बिल 57,700 रुपये था जिसे उन्होंने पास किया और फिर उसके बदले सहायक प्रबंधक ने नरेंद्र सोनवाने ने 4000 रुपये मांगे थे फिर सौदा 3500 रुपये में तय हुआ और आज इतनी राशि लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए हैं।

बालघाट से सुनील कोरे की रिपोर्ट 


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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