बालाघाट: नर और मादा तेंदुए की करंट से मौत, राजस्व ग्राम में मिला शव, जांच में जुटा वन अमला

बालाघाट, सुनील कोरे। बालाघाट (Balaghat) जिले के प्रकृति से आच्छादित जंगल और कान्हा नेशनल पार्क (Kanha National Park) होने से जिले में वन्यप्राणियों की बहुलता है। जिसकी सुरक्षा के लिए भारी, भरकम विभागीय अधिकारियों से लेकर बीटगार्ड तक रखे गये है। बावजूद इसके जिले में वन्यप्राणियों का शिकार या लापरवाही से मौत होना की घटनायें अब धीरे-धीरे आम होती जा रही है। खासकर बीते दो माह के अंतराल में लगातार संरक्षित तेंदुए की मौत ने इसकी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिये है। जिले में तेंदुए की मौतों की खबर के बीच 13 जून रविवार को एक और खबर वनमंडल उत्तर बालाघाट के परिक्षेत्र पूर्व बैहर (सामान्य) के अंतर्गत खुरमुंडी चौकी के हर्राभाट वनचौकी के राजस्व क्षेत्र में दो तेंदुओं का शव मिला। बताया जाता है कि मृतक तेंदुए में एक मादा और एक नर तेंदुआ है। एक साथ दो तेंदुए की मौत से सनसनी मच गई। तेंदुए की मौत के बाद सीसीएफ सनोडिया सहित संबंधित वनमंडल और परिक्षेत्र के अधिकारी घटनास्थल पहुंचे और घटनास्थल का बारिकी से निरीक्षण किया।

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बताया जाता है कि इस दौरान कुछ संदिग्ध चीजें वनअमले ने बरामद की है। हालांकि वनअमले ने इसका खुलासा नहीं किया है। वन अमले की मानें तो पशु चिकित्सा अधिकारी से मृतक तेंदुओं के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर शवो का प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इस मामले में अभी पीएम रिपोर्ट का इंतजार है। घटनास्थल का डॉग स्कॉट की मदद से की गई। जांच के दौरान वन अमले ने तीन संदेहियों को पूछताछ के लिए पकड़ा है। जिनसे भी वनविभाग की टीम तेंदुओं की मौत को लेकर पूछताछ कर रही है। जिससे माना जा रहा है कि आगामी एक-दो दिनों में तेंदुओं की मौत की वास्तविक वजह का खुलासा हो सकता है। हालांकि प्रथम दृष्टया तेंदुओं की मौत करंट से होना बताई जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि 11 केव्ही के खंबे से बिजली तार को जोड़कर करंट का तार बिछाया गया। जिसकी संपर्क में आने से नर और मादा तेंदुओं की मौत हो गई।

घटनाक्रम के अनुसार वनमंडल उत्तर बालाघाट (सामान्य) के परिक्षेत्र पूर्व बैहर (सामान्य) के अंतर्गत खुरमुंडी चौकी के हर्राभाट वनचौकी के राजस्व क्षेत्र में दो तेंदुओं का शव मिला। वनविभाग को रविवार की सुबह तकरीबन 9 बजे ग्रामीणो से सूचना मिली थी। जिसके पश्चात वन अमला मौके पर पहुंचा। जहां पर नर और मादा तेंदुओं का शव पड़ा था। चूंकि जहां शव तेंदुओं का शव मिला है, उसके पास ही 11 केव्ही के बिजली पोल लगे है, जिससे संभावना जताई जा रही है कि वन्यजीवो का शिकार करने बिछाये गये बिजली करंट तार के संपर्क में आने से संरक्षित वन्यप्राणी तेंदुए की मौत हो गई। घटनास्थल से मृतक तेंदुओं का शव बरामद कर पीएम के बाद शवों का विधिवत अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक एन.के. सनोडिया, डीएफओ ब्रजेन्द्र श्रीवास्तव, एसडी ओमो माज, परिक्षेत्र अधिकारी सुनील पंद्रे, परिक्षेत्र अधिकारी शशांक वर्मा, मो. फिरोज हैदरी, भोलाराम नारनोरे, परि सहा. रूपेश कुमार गबने सहित वन अमला मौजूद था।

जिले में वन्य प्राणियों के शिकार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। कभी वन्य प्राणियों को जहर देकर तो कभी करंट लगाकर मारा जा रहा है। जिले में वन्य प्राणियों के शिकार की लगातार आ रही खबरों के बीच ग्राम खुरमुंडी के राजस्व क्षेत्र में दो तेंदुओं के मिले शव के वास्तविक मौत का पता नहीं चल सका है। हालांकि जानकारी अनुसार वनविभाग की टीम ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लगभग तीन से चार शिकारियों ने राजस्व क्षेत्र के ऊपरी भाग में तार बिछाकर करंट लगाया था। देर रात्रि दोनो तेंदुए विचरण करते हुए विधुत करेंट की चपेट में आ गये, जिनसे उनकी मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों तेंदुए के शव के सभी अंग सही सलामत है। शिकार करने के बाद शिकारियों ने तेंदुए के शव को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया और इससे बचने मौका देखकर फरार हो गये। घटना के बाद मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर वन विभाग द्वारा जल्द ही मामले में लिप्त आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।

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इनका कहना है
वनमंडल उत्तर बालाघाट के परिक्षेत्र पूर्व बैहर (सामान्य) के अंतर्गत खुरमुंडी चौकी के हर्राभाट वनचौकी के राजस्व क्षेत्र में दो मृत तेंदुओ का शव मिला है। जिसका वेटनरी डॉ. से पीएम करवाकर सैंपल जब्त किया गया है। घटनास्थल पर डॉग स्कॉट की मदद से जांच की गई है। तीन संदेहियों को पूछताछ के लिए पकड़ा गया है। जिससे पूछताछ के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। घटनास्थल से वन अमले ने क्या जब्त किया है ? यह जांच का विषय है। जब तक तेंदुओं की मौत की पूरी जानकारी नहीं मिल जाती है। तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना मुश्किल है। चूंकि जिले में वन्यप्राणी की बहुलता और कान्हा टायगर रिजर्व है तो वन्यप्राणियों के शिकार की घटनायें स्वभाविक है। लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनर्रावृत्ति न हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है और यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही समझ आयेगी तो विधिवत कार्रवाई की जायेगी।