Balaghat News : बाघ का शिकार करने के आरोप में 6 आरोपी गिरफ्तार

वनविभाग की टीम ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। यहां से आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है।

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Balaghat News : बालाघाट जिले में 17 मार्च को वारासिवनी क्षेत्र के चनई नदी में जो बाघ का क्षतविक्षत शव मिला था। उसकी मौत में संलिप्त बोदलकसा के 06 आरोपियों 38 वर्षीय छन्नूलाल पिता फकीरचंद मात्रे, 42 वर्षीय रमेश पिता पेंढारी पंजरे, 35 वर्षीय राजकुमार पिता चेतनलाल हरदे, 38 वर्षीय बसंत पिता श्यामजी पंचेश्वर, 38 वर्षीय महेश पिता मोहनलाल बिसेन और 53 वर्षीय लेखचंद पिता रज्जलाल बिसेन को, वनविभाग की टीम ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। यहां से आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि चनई नदी में 17 मार्च को मिले बाघ के शव की पहचान, उस बाघ के रूप में की गई जो क्षेत्र में विचरण कर रहा था और जिसकी दहशत से ग्रामीणजन खौफजदा थे। अधिकारियो की मानें तो 11 मार्च को आरोपियो ने खेत में जंगली सुकर का शिकार करने करंट बिछाया था। जिसकी चपेट में आने से बाघ की मौत हो गई। जिसे देखकर घबराए आरोपियो ने उसे पास ही नदी के एक खोह में उसके पैरो को बांधकर छिपा दिया था और दो दिन बाद उसके दांत और नाखुनों को निकाला। जहां से शव बहकर, चनई नदी तक पहुंचा था।

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार, बाघ के शिकार का मुख्य आरोपी महेश बिसेन ने अपने साथियो के साथ शव को चनई नदी में फेंका था। इससे पूर्व आरोपियों ने 15 मार्च को बाघ के नाखून और दांत निकाले थे। इस मामले में वनविभाग और वनविकास निगम की टीम ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए गांव में ही डेरा डाल दिया था। जिसके चलते, टीम ने आरोपियों को धर दबोचा। बताया जाता है कि इस मामले में गिरफ्तार मोहन बिसेन, 376 का आरोपी है, जो वर्तमान में जमानत पर था। वहीं इस मामले में वनविभाग की टीम ने आरोपियों से बाघ के शिकार में प्रयुक्त किए गए बिजली करेंट के लिए लगाए गए जीआईतार, खूंटी तो बरामद कर ली है, लेकिन आरोपियों से अब तक नाखुन और दांत नहीं मिले है।

वनविभाग के अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी और बाघ के निकाले गए नाखुन और दांतो को बरामद किया जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ में और ज्यादा जानकारी मिलेगी। लगभग दो माह बाद वन परिक्षेत्र वारासिवनी और वन विकास निगम की टीम के अथक प्रयास के बाद टीम ने अंततः बाघ के शिकार के आरोपियों को गिरफ्तार कर राहत की सांस ली। चूंकि यह मामला, ना केवल बालाघाट बल्कि भोपाल तक सुर्खियो में रहा था।

कटंगी एसडीओ बी.आर. सिरसाम कि चनई नदी में बाघ के गायब अवशेषो के साथ मिले शव के बाद मामले की जांच में उस दौरान आरोपी का पता नहीं चल सका था लेकिन वारासिवनी परिक्षेत्र और वन विकास निगम की टीम ने कड़ी मशक्कत और मुखबिर तंत्रो की मदद से 6 आरोपियों को बाघ की हत्या मामले में गिरफ्तार किया है।

बालाघाट से सुनील कोरे की रिपोर्ट


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Amit Sengar

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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है।वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”