Balaghat News : ट्रांसपोर्टरों से 18 लाख रूपये की धोखाधड़ी, मामला दर्ज

Amit Sengar
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Balaghat News : बालाघाट जिले में नागरिक आपूर्ति निगम से चांवल ढुलाई का ठेका लेने वाली छतरपुर की याशिका रोड लाईंस के कर्ताधर्ता नीरज चौरसिया, विकास केसरवानी और सूर्यप्रताप सिंह के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला पंजीबद्ध किया है। पुलिस ने यह अपराध जिले के 09 ट्रांसपोर्टरों से चांवल सप्लाई की राशि 18 लाख 34 हजार 740 रूपये की राशि नहीं दिये जाने पर ट्रांसपोर्टर एशोसिएशन संघ जिलाध्यक्ष पूरनसिंह भाटिया की शिकायत पर दर्ज किया है।

यह है मामला

नागरिक आपूर्ति निगम से चांवल सप्लाई का ठेका लेकर छतरपुर, सागर, झाबुआ, इंदौर सहित अन्य स्थानो में जिले के ट्रांसपोर्टरो से चांवल सप्लाई करने वाली छतरपुर की याशिका रोड लाईंस के कर्ताधर्ता, विगत 6 माह से ट्रांसपोर्टरों को राशि देने के नाम पर गुमराह कर रहे है। जिससे परेशान होकर जिले के ट्रांसपोर्टर एशोसिएशन ने यह शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस की मानें तो सभी आदतन अपराधी है, जिनके खिलाफ अन्य थानो में भी मामले दर्ज है, बावजूद ऐसे लोगों को चांवल सप्लाई का ठेका दिया जाना, ठेका प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। इससे ना केवल ठेका प्रक्रिया संदेह के घेरे में है बल्कि शासन की छवि भी प्रभावित हो रही है।

मिली जानकारी के अनुसार नागरिक आपूर्ति निगम ने वर्ष 2022 में प्रदेशभर के सरकार गोदामों में चांवल सप्लाई के लिए छतरपुर की याशिका रोड लाइंस को ठेका दिय था। याशिका रोड लाइंस ने फरवरी 2022 में बालाघाट जिले के नौ ट्रांसपोर्टरों को चांवल सप्लाई का काम दिया था, लेकिन काम पूरा होने के डेढ़ साल भी ट्रांसपोर्टरों को लगभग 18 लाख 34 हजार 740 रुपये का भुगतान नहीं किया गया। जिस राशि के भुगतान को लेकर ट्रांसपोर्टर छह महीने से अपने पैसों की मांग कर रहे लेकिन राशि आज-कल देने की बात कहकर याशिका रोड लाईंस के कर्ताधर्ता ट्रांसपोर्टरो को गुमराह कर रहा है, जिससे परेशान होकर ट्रांसपोर्ट एशोसिएशन ने इससकी शिकायत पुलिस में की। जिसमें जांच के बाद पुलिस ने छतरपुर की याशिका रोड लाईंस के कर्ताधर्ताओं के खिलाफ अपराध पंजीबद्व कर विवेचना में लिया है।

इस मामले में ट्रांसपोर्टर हीरा रोड लाइंस के संचालक हीरा सिंह भाटिया की मानें तो चूंकि चावल ढुलाई का काम नागरिक आपूर्ति निगम का था, इसलिए हमने विश्वास करते हुए माल ढुलाई का काम ले लिया। शुरुआती एक महीने तक हमें हमारा भुगतान मिला, लेकिन उसके बाद राशि देने के लिए चांवल सप्लाई का काम देख रहे याशिका रोड लाईंस के कर्ताधर्ता बहाने बनाते रहे। बार-बार बोलने के बाद याशिका रोड लाइंस ने जो हमें 28 लाख रुपये का चेक दिया था, वह चेक बाउंस हो गया। हमें अब तक केवल दस लाख रुपये का ही भुगतान हो पाया है। जबकि हमें ट्रक मालिकों को बड़ी राशि देनी है। जो हमें परेशान कर रहे है और पुलिस में शिकायत की बात करते है। चूंकि उनके साथ परेशानी है। जानकारी लेने पर पता चला कि नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा चांवल सप्लाई का भुगतान याशिका रोड लाइंस को कर दिया गया है, लेकिन याशिका रोड लाइंस हमें हमारा पैसा नहीं दे रही है, जिससे हमें मानसिक एवं आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है।

ट्रांसपोर्ट एशोसिएशन जिलाध्यक्ष पूरनसिंह भाटिया ने बताया कि नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा छतरपुर की याशिका रोड लाईंस को चांवल सप्लाई का ठेका दिया गया था। जो काम जिले के ट्रक ट्रांसपोटरों ने किया लेकिन अब शेष राशि 18 लाख 34 हजार 740 रूपये का भुगतान के लिए याशिका रोड लाईंस के लोग हमें गुमराह कर रहे है। जिसके कारण मजबूरीवश उन्हें इसकी शिकायत करना पड़ा। हमारी मांग है कि इन पर कार्यवाही कर हमारी राशि दिलायें जाये, ताकि गाड़ी वालो को भुगतान किया जा सके।

कोतवाली थाना प्रभारी कमलसिंह गेहलोत ने बताया कि नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा चावल सप्लाई का काम छतरपुर की याशिका रोड लाईंस को दिया गया था। जिसके द्वारा बालाघाट जिले के नौ ट्रांसपोर्टरों से चांवल सप्लाई करवाया गया। जिसकी शेष 18 लाख से अधिक की राशि का भुगतान उसके द्वारा नहीं किया गया। जिसकी ट्रांसपोर्ट एशोसिएशन की शिकायत पर याशिका ट्रांसपोर्ट के तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनके खिलाफ अन्य थानो में भी मामले दर्ज है, जिसमें वे फरार है।
बालाघाट से सुनील कोरे की रिपोर्ट


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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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