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भोपाल/बालाघाट। 

मध्य प्रदेश के बालाघाट लोकसभा संसदीय क्षेत्र में इस बार 70.42 फीसदी मतदान का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां 68.3% वोटिंग हुई थी। इस बार वोटिंग प्रतिशत बढ़ा है जिससे उम्मीदवारों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। बीजेपी ने इस बार यहां से वर्तमान सांसद बोधसिंह भगत का टिकट काट कर पूर्व विधायक रहे ढाल सिंह बिसेन को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, कांग्रेस ने यहां से मधु भगत को टिकट दिया है। लेकिन इस सीट पर बीजेपी से टिकट कटने से बागी हुआ भगत सिंह ने समीकरण बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वह निर्दलीय चुनाव लड़े हैं। उनके अलावा सपा-बसपा गठबंध के तहत कांकेर मुंजारे को उम्मीदवार बनाया है। 

2014 के चुनाव की बात की जाए तो यहां से बीजेपी के बोधसिंह भगत ने बाजी मारी थी।  बोधसिंह भगत को 4,80,594(43.17 फीसदी) वोट मिले थे तो वहीं हिना लिखीराम को 3,84,553(34.54 फीसदी) वोट मिले थे. वहीं सपा इस चुनाव में तीसरे स्थान पर रही थी। लेकिन इस बार बीजेपी ने भगत का टिकट काट कर ढाल सिंह को उम्मीदवार बना दिया। इस फैसले से बौखलाए भगत ने निर्दीलय चुनाव लड़ा है। सूत्रों के मुताबिक उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने से कांग्रेस को सीधे तौर पर लाभ होता दिख रहा है। क्योंकि, बीजेपी के वोट बैंक में उन्होंंने सेंध लगाने का पूरा प्रयास किया है। जिससे बीजेपी का वोट प्रतिशत कम हो सकता है। कांग्रेस को बीजेपी से जीत हासिल करने के लिए करीब दस फीसदी वोट पाटने की चुनौती थी। हाल ही में ऐसी खबरें भई वायरल हुई थी कि भगत कांग्रेस प्रत्याशी को जिताने के लिए बीजेपी का वोट काट रहे हैं। 

चुनाव मैदान में हैं ये उम्मीदवार

इस संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय के अलावा जो उम्मीदवार मैदान में हैं, उनमें मधु भगत(कांग्रेस),  कांकेर मुंजारे(बहुजन समाज पार्टी),  डॉ. ढाल सिंह बिसेन(भारतीय जनता पार्टी), अली एमआर खान(कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया), अभिषेक बिल्लौर(भारतीय शक्ति चेतना पार्टी), करण सिंह नागपुर(बहुजन मुक्ति पार्टी), जयसिंह तेकाम(गोंडवाना गणतंत्र पार्टी),  मुकेश बंसोड(अंबेडकर पार्टी ऑफ इंडिया),  युवराज सिंह बैस(प्रोटिस्ट ब्लॉक, इंडिया), राजन मसीह(भारत प्रभात पार्टी),  बाबू राजेंद्र ढोके(पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया), एडवोकेट सत्य प्रकाश(मध्यप्रदेश जन विकास पार्टी), सतीश तिवारी(भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी पार्टी) हैं.

सामाजिक ताना-बाना

बालाघाट जिला देश के खनिज मानचित्र पर एक गौरवशाली स्थान रखता है. देश का लगभग 80% मैंगनीज का उत्पादन बालाघाट से होता है. इस शहर को पहले बूढा के नाम से जाना जाता था. बालाघाट जिला वन संपदा से समृद्ध है.2011 की जनगणना के मुताबिक बालाघाट की जनसंख्या 2361361 है. यहां की 84.79 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्र और 15.21 फीसदी आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है. बालाघाट की 7.91 फीसदी जनसंख्या अनुसूचित जाति और 24.73 फीसदी जनसंख्या अनुसूचित जनजाति की है.