Bribe: लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा वन विभाग का बाबू, रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार

बिना रिश्वत (Bribe) के बाबू काम करने को तैयार नहीं है। इसके बाद टीम ने मामले की जांच की और छापेमारी की योजना बनाई।

रिश्वत

बड़वानी, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में भ्रष्टाचार (Corruption) के मामले तेजी से बढ़ रहे है। अब बड़वानी जिले  (Badwani District) में लोकायुक्त ने एक बाबू को रिश्वत (Bribe) लेते रंगेहाथों गिरफ्तार (Arrest)  किया है।आरोप है कि बाबू ने बढ़ई के लाइसेंस (License) का रिनुअल करने के नाम पर 3 हजार की रिश्वत मांगी थी, जिसकी शिकायत इंदौर लोकायुक्त में की गई थी। इस कार्रवाई के बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया है।

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दरअसल, बीते 25 मार्च को अंजड़ निवासी गौतम पुत्र रामदेव पवार ने इंदौर लोकायुक्त (Indore Lokayukt Police) में शिकायत की थी कि वन मंडल अधिकारी कार्यालय बड़वानी के क्लर्क इंदरराज सिसोदिया द्वारा बढ़ई के लाइसेंस का रिनुअल करने के नाम पर 3 हजार की रिश्वत मांगी जा रही है और सौदा 2500 में तय हुआ है। बिना रिश्वत (Bribe) के बाबू काम करने को तैयार नहीं है। इसके बाद टीम ने मामले की जांच की और छापेमारी की योजना बनाई।

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टीम ने आज शनिवार को गौतम को रिश्वत के 2500 लेकर बाबू के पास भेजा, जैसे ही बाबू ने पैसों के लिए हाथ बढ़ाया टीम ने रंगेहाथों धर दबोचा। अचानक लोकायुक्त की टीम को देख बाबू हड़बड़ा गया और रिश्वत से इंकार करने लगा।लोकायुक्त पुलिस ने बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।