रोते हुए शिक्षा मंत्री के पैरों में गिरी महिलाएँ, तीन साल से नियुक्ति का इंतजार

बैतूल,वाजिद खान। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री और प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार आज बैतूल पहुंचे। मंत्री परमार के कार्यक्रम से निकलते वक्त उस समय हड़कंप मच गया जब शिक्षक परीक्षा में चयनित महिलाएं उनके पैरों में गिरकर नियुक्ति देने के लिए फूट-फूटकर रो पड़ी। इससे मौके पर हड़बड़ाहट की स्थिति बन गई। मामला बैतूल बाजार में आयोजित अन्न उत्सव का था।

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कार्यक्रम में हितग्राहियों को अन्न की थैलियां बांटकर मंत्री इंदरसिंह परमार जैसी ही वापसी के लिए निकले रास्ते में खड़े चयनित शिक्षक भर्ती की चयनित शिक्षिका शारदा जावलकर मंत्री के पैरों पर गिरकर फूट फूट कर रो पड़ी। वे चयनित शिक्षकों को 15 अगस्त तक नियुक्ति देने की मांग कर रही थी। जैसे ही वह मंत्री के पैरों पर गिरी मौके पर हड़कम्प मच गया। किसी तरह मंत्री के सुरक्षाकर्मियों और भाजपा जिलाध्यक्ष ने महिला को मंत्री के कदमो से उठाकर अलग किया। इस दौरान महिला की इस हरकत से हतप्रभ रह गए मंत्री इसे गलत बात कहकर उन्हें समझाते रहे।

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घटनाक्रम के बाद चयनित शिक्षिका शारदा और कंचन पवार ने बताया कि वे अपने वेरिफिकेशन के बाद पिछले तीन साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे है। उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें 15 अगस्त तक नियुक्ति मिल जाएगी। लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। इधर मंत्री इंदरसिंह ने इस घटनाक्रम के बाद कहा कि चयनित शिक्षकों का वेरिफिकेशन हो गया है। तीन साल से बहुत सारे कारण हुए। शिवराजसिंह की सरकार बनी तब से वेरिफिकेशन के काम प्रारंभ हुआ। सरकार 27 प्रतिशत आरक्षण देना चाहती है। लेकिन कोर्ट के स्टे की वजह से ऐसा नही हो पाया हम 14 प्रतिशत पर भर्ती करने का विचार कर रहे है। जल्दी ही भर्ती प्रारंभ करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जब पत्रकारों ने मंत्रीजी से इस देरी की वजह पूछी तो वे कमलनाथ दिग्विजय सिंह को जिम्मेदार ठहराते नजर आए।