पूर्व मंत्री के पत्र से सरकार में खलबली, चेतावनी- ‘रेत का अवैध उत्खनन नहीं रुका तो करेंगे उपवास’

भिंड, गणेश भारद्वाज
रेत के अवैध उत्खनन को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह (Dr.Govind Singh) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) को पत्र लिखा है| पत्र के जरिये उन्होंने प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के लिए जिले में पदस्थ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा है कि यदि 13 अगस्त तक रेत के अवैध कारोबार पर रोक नही लगाई गई, तो 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन वह स्वयं जिला मुख्यालय पर विरोध स्वरुप एक दिन का उपवास करेंगे।

पूर्व मंत्री डॉ सिंह ने सोमवार को मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि आपके द्वारा वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए जिले में पदस्थ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया था कि खनिज माफिया तथा अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाकर इनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाए। अन्यथा कार्यवाही न करने वाले कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। परन्तु आपके निर्देशों के बावजूद मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के लहार, मिहोना, असवार, रौन, भारौली, अमायन, उमरी तथा नयागांव थाना क्षेत्रान्तर्गत थाना प्रभारियों द्वारा रेत माफिया से सांठगांठ कर सिंन्ध नदी के अन्दर पोखलेन मशीनों एवं पनडुब्बियों द्वारा प्रतिदिन लगभग 1000 बड़े ट्रकों और डम्फरों से परिवहन कर मध्यप्रदेश और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में रेत बेची जा रही है।

राजनेताओं के परिवार के लोग शामिल, एसपी-कलेक्टर का संरक्षण
डाक्टर गोविन्द सिंह ने पत्र के जरिए मुख्यमंत्री को बताया है कि रेत के इस खेल में राजनेताओं के परिवार के सदस्यों और असमाजिकतत्वों ने सड़क पर बैरियल लगा कर प्रतिदिन लगभग 30-40 लाख रुपये की रेत चोरी की जा रही है। उन्होंने पत्र में कहा है कि प्रत्येक बैरियल पर सशस्त्र असमाजिकतत्व और पुलिस का अमला सम्न्धित थाना प्रभारियों की सहमति से नियुक्त हैं। उन्होंने पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि यह सारा खेल जिले में पदस्थ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के संरक्षण में खेला जा रहा है। इस सम्बन्ध में अनेक शिकायतों और मीडिया द्वारा अवैध रेत परिवहन के खिलाफ खबरें प्रकाशित किए जाने के बावजूद अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के कारोबार से जुढ़े असमाजिकतत्वों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोई कार्यवाही अब तक नहीं की गई है।

ग्रामीणों को धमका रहे माफिया
उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में यह भी बताया है कि अवैध रेत उत्खनन के कारोबार से जुड़े माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वाले ग्रामीणों को डराया, धमकाया गया। उन पर गोलियां चलाई गईं। जिसके लिए थाना अमायन में मामला भी दर्ज किया गया है। उन्होंने पत्र में यह भी बताया है कि भिण्ड जिले के अलावा दतिया जिले के थाना सेंवड़ाएडीपार तथा अतरैटा क्षेत्र में भी रेत का बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन हो रहा है।

अवैध उत्खनन नहीं रुका तो उपवास करेंगे
पत्र के जरिए उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कहा है कि यदि 13 अगस्त तक रेत के अवैध कारोबार पर रोक नही लगाई गई, तो 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन वह स्वयं जिला मुख्यालय पर विरोध स्वरुप एक दिन का उपवास करेंगे।