स्कूली बच्चों के हित में फैसला ले सरकार, इस युवा बीजेपी नेता ने दिया यह सुझाव

भोपाल| कोरोना (corona) के संक्रमण से निपटने में सरकार तो लगी ही है लेकिन साथ ही साथ कुछ युवा नेता (youth leader) भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। इन्हीं में से एक है अपने मित्रों और प्रशंसकों के दायरे में राजा भैया के नाम से जाने जाने वाले दुर्गेश केसवानी (durgesh keswani) जो बीजेपी के प्रवक्ता भी हैं। दुर्गेश इस महामारी में न केवल कमजोर व निर्बल वर्गों की मदद ही कर रहे हैं बल्कि बैरागढ़ क्षेत्र में बहुत बड़े पैमाने पर गरीबों को भोजन कराने जैसा पुनीत कार्य समाजसेवी संस्थाओं के माध्यम से करा रहे हैं।इसके साथ ही साथ दुर्गेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (pm modi) के “जान के साथ-साथ जहान है” के नारे को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के कई व्यवसाई संगठनों की मांगों को सरकार तक पहुंचा कर उनका उचित निराकरण भी करवाया है।

विभिन्न व्यापारी व उद्योग मंडल दुर्गेश के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने में न केवल सफल हुए हैं बल्कि अपने उद्देश्य में भी कामयाब हुए हैं। ताजा मामले में दुर्गेश ने स्कूली बच्चों को लेकर बीजेपी के एक अन्य प्रवक्ता महेश शर्मा के साथ मिलकर गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा (dr.narottam mishra) को एक ज्ञापन दिया है जिसमें कहा है कि इस महामारी के समय सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल खोलने पर गंभीरता से विचार कर निर्णय ले क्योंकि यदि स्कूल खुलेंगे तो सोशल डिस्टेंसिंग (social distancing) का कितना पालन होगा और बच्चे कितने सुरक्षित रह पाएंगे यह कह पाना मुश्किल है। नेता द्वय ने मंत्री जी से आग्रह किया है कि इन स्कूलो में बच्चों को ऑनलाइन क्लासेस की व्यवस्था सुनिश्चित करने का शासन प्रयास करें तो ज्यादा ठीक रहेगा। इसके साथ ही साथ मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार लॉक डॉउन के दौरान स्कूलों से मात्र ट्यूशन फीस लेने का जो आदेश दिया गया था वह सुनिश्चित रूप से पालन हो। गृह मंत्री ने नेता द्वय की इन दोनों मांगों पर विचार कर उचित निर्णय लेने का आश्वासन भी दिया है।