सियासी हलचल के बीच मध्यप्रदेश के कर्मचारियों ने सरकार से की ये मांग

भोपाल। लगातार बढ़ते प्रकोप के चलते प्रदेश में कोरोना को संक्रमण रोग घोषित कर दिया गया है।वही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी जनता से खास अपील की है। इसी बीच मध्य प्रदेश के तृतीय वर्ग कर्मचारियों ने भी प्रशासन से शासकीय कार्यालय में 10 दिनों का अवकाश घोषित करने की मांग की है।कर्मचारियों ने सरकार को विधानसभा सत्र का हवाला दिया है।इधर, मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए Work From Home का फैसला लिया है।

दरअसल, मध्य प्रदेश के तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने प्रशासन को पत्र लिखकर कहा है कि सभी शासकीय कार्यालयों में सभी कर्यो को लगभग दस दिनों के लिए स्थगित कर दिया जाये। जिससे वह कोरोना की चपेट में आने से अपने आप को सुरक्षित रख सके। उनका कहना है कि जब प्रशासन विधायकों के लिए विधानसभा कार्रवाई को स्थगित कर सकता है तो फिर शासकीय कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भी प्रशासन को गंभीर होना चाहिए।

बता दे कि प्रदेश सरकार सरकार एमपी में कोरोना को संक्रामण रोग घोषित किया गया है। हाल ही कोरोना वायरस के चलते विधानसभा 26 मार्च तक स्थगित कर दी गई है वही स्कूल-कॉलेज, सिनेमाघरों, शोर्य स्मारक को बंद करने के आदेश जारी किए गए है। वही प्रायवेट कंपनियों ने भी कर्मचारियों को वर्क फॉम होम कर दिया है,ऐसे में कर्मचारियों ने दस दिन का अवकाश घोषित करने की मांग की है।

अबतक दुनिया में इतने लोग प्रभावित
कोरोनावायरस को लेकर भारत सहित दुनिया के कई देशों में हड़कंप मच हुआ है। कोरोना वायरस से अब तक दुनिया में 8160 लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही 203,562 लोग अभी भी प्रभावित हैं। बात भारत की करें तो यहां अब तक कोरोना वायरस प्रभावित 152 लोग पाए गए हैं, जिनमें से 3 की मौत हो चुकी और 135 लोगों का उपचार अभी भी जारी है।