नाटक कमलापति की स्क्रिप्ट से छेड़ाछाड़, इतिहासकारों की शिकायत के बाद बदली कहानी

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आदि विद्रोही नाट्य विवादों में घिर गया। शहीद भवन से शुरू होने वाले इस समारोह की शुरूआत पुलिस थाने से हुई। दरअसल, इस समारोह के दूसरे दिन नाटक ‘कमलापति’ का मंचन होना था। लेकिन नाटक की कहानी के तथ्यों के साथ छेड़ छाड़ का आरोप शहर के इतिहासकारों ने लगाया था। इस नाटक की क��ानी को लेकर आपत्ति जताई गई थी। इतिहासकारों का आरोप है कि नाटक में रानी कमलापति और दोस्त मोहम्मद खान के दृश्यों को गलत तरीके से बताया जा रहा था। इसे लेकर शहर के कुछ संगठनों ने एसपी से शिकायत की। मंगलवार को ये मामला जहांगीराबाद थाने पहुंचा। जहां नाटक की कहानी से विवादित सीन की काटछाट की गई। 

क्या है विवाद 

नाटक रानी कमलापति और नवाब दोस्त मोहम्मद खां पर आधारित था। जैसा कि हम जानते हैं कि दोस्त मोहम्मद खान को रानी कमलापति ने राखी बांधी थी मगर नाटक में दोनों के दिल में छुपा प्यार दिखाया गया। जिसको लेकर समाज के कुछ जिम्मेदार नागरिकों ने सोमवार को एसपी ऑफिस में कंपलेंट की यह कंपलेंट मंगलवार सुबह जहांगीरबाद थाने में फॉरवर्ड हुई। आलम कुछ यूं था कि दिन भर की जद्दोजहद के बाद शाम 6 बजे नाटक की 50 पेज की स्क्रिप्ट थाने लाई गई और नाटक शुरु होने से पहले तक इसमें से विवादित सींस हटाए गए। अंतत नाटक की ड्यूरेशन 80 मिनट से कम करके  मिनट की गई। 

एडिटिंग के बाद ये कहानी हुई मंचित

नाटक में दिखाया गया कि राजा निजाम शाह की छह रानियां थी लेकिन कोई पुत्र नहीं था। वह कमलापति से विवाह कर लेता है। अगले सीन में रानी रोती नजर आती है कि गिन्नौरगढ़ के विद्रोहियों ने राजा की हत्या कर दी लेकिन वो खजाना बचाकर गुप्त मार्ग से भोपाल लेकर आती है। रानी की सखी कहती है आप वीरांगना है जिसने पति की अंतिम इच्छा यह खजाना बचाकर पूरी की है। इधर रानी अपने बेटे नवल शाह को राजा बनाना चाहती है लेकिन उसकी सुरक्षा को लेकर अत्यंत भयभीत है। उसे बैरसिया के सरदार दोस्त मो.खान के बारे में पता चलता है तो बुलावा भेजती है। दोस्त मो.खान को कहती है कि मेरे पति के हत्यारे से लेकर वहां के बच्चे-बच्चे को मार डालो। इसके बदले एक लाख स्वर्ण मुद्राए दूंगी। दोस्त मो. खान ऐसा ही करता है और फिर रानी चैन की नींद सो जाती है।

दिल्ली के श्रीराम सेंटर में नाटक का शो हाउसफुल रहा था। नाटक में कोई गलत सीन नहीं था। सिर्फ एक सीन में दोस्त मोहम्मद खान का रानी कमलापति की पेंटिंग बनाते हुए दोस्त से संवाद था। हमने इतिहास से किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ नहीं की। इस स्क्रिप्ट को अवार्ड भी मिल चुका है।

इंदिरा दांगी, लेखिका


क्या थो विवादित सीन

-पहली बार जब दोस्त मोहम्मद ने कमलापति को देखा तो वह मोहब्बत की निगाह से देखते ही रह गए। 

-दासियों ने तुंरत किया पर्दा। 

-दिन भर कमलापति सिर्फ दोस्त मोहम्मद के बारे में सोचती रहतीं थीं आदि। 

नवाब दोस्त मोहम्मद खान और रानी कमलापति बहन भाई थे। अगर उनकी मोहब्बत को इश्क के रूप में दिखाया गया है तो यह एक साजिश है रानी कमलापति और दोस्त मोहम्मद खान के लिए। 

श्याम मुंशी, इतिहासकार