अतिथि विद्वानों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से बयान की अपनी पीड़ा

भोपाल। सूबे के सरकारी कॉलेजों में पिछले दो दशक से अधिक समय से अध्यापन कार्य करने वाले अतिथिविद्वान सरकार से कांग्रेस पार्टी के वचनपत्र अनुसार अपने नियमितीकरण की मांग करते गए पिछले 78 दिनों से राजधानी भोपाल के शाहजहांनी पार्क में आंदोलनरत हैं। अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघरह मोर्चा में संयोजक डॉ देवराज सिंह के अनुसार आज भोपाल स्थित नूरे सबा होटल में अतिथिविद्वानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर अतिथिविद्वान नियमितीकरण की अब तक कि सरकार की प्रगति व उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अतिथिविद्वानों के प्रति किये जा रहे सौतेले व्यवहार की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल द्वारा सर्वप्रथम अतिथिविद्वानों के नियमितीकरण का मुद्दा उठाने हेतु श्रीमंत सिंधिया को मोर्चे की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया गया। अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चे के संयोजक डॉ सुरजीत भदौरिया ने बताया कि सिंधिया जी ने अतिथिविद्वान नियमितीकरण को जायज़ करार देते हुए मामला आलाकमान के संज्ञान में लाने की बात कही है। उल्लेखनीय है कि सिंधिया जी ने पूर्व में अतिथिविद्वानों के नियमितीकरण के संबंध में हो रही देरी समेत कई मामले अपनी ही सरकार के विरुद्ध उठाकर एवं वचनपत्र के वादे पुर्व न होने पर स्वयं सड़क पर उतारने की बात कहके प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया था। जबकि उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत अतिथिविद्वान नियमितीकरण का मुद्दा सर्वाधिक सुर्खियां बटोर रहा है। वचनपत्र की कंडिका 17.22 में शामिल यह मुद्दा सर्वाधिक चर्चाओं में बना हुआ है। यहां तक कि विपक्ष में विधानसभा के शीतकालीन सत्र में अतिथिविद्वान नियमितिकरण के मुद्दे पर भारी हंगामा किया था, जबकि अगला सत्र नज़दीक है। अतः इस बार भी अतिथिविद्वानों का मुद्दा विधानसभा सत्र के दौरान छाए रहने की पूरी संभावना है। बीजेपी ने बयान जारी करके इस बावत सरकार को चेतावनी भी दी है।