भाजपा नेता का उषा ठाकुर पर कटाक्ष- ‘आप करो तो पुण्य, कोई और करे तो पाप’

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भोपाल/इंदौर।

अपनी ही पार्टी पर वंशवाद का आरोप लगाने वाली भाजपा प्रत्याशी और इंदौर तीन से वर्तमान विधायक उषा ठाकुर अब विवादों में घिरती नजर आ रही है।अब भाजपा नेता आपस में ही विरोधाभासी बात कर रहे हैं।परिणाम से पहले अपनों को घेरने वाली ठाकुर अब अपनों से ही घिरती नजर आ रही है। एक तरफ जहां उषा को पूर्व मंत्री कुसुम मेहदेले का साथ मिला है वही दूसरी तरफ इंदौर-3 सीट पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे भाजपा नेता गोविंद मालू ने फेसबुक पर उषा के खिलाफ कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा है कि ‘आप करो तो पुण्य और हम करें तो पाप’।

दरअसल, इंदौर जिले की विधानसभा क्षेत्र क्रमांक तीन की टिकट आकाश विजयवर्गीय को दी गई थी, जिसके बाद अमित शाह पर आरोप लगा था कि उन्होंने सेंटिंग की थी। इस मामले को लेकर कल एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें उषा ठाकुर ने सेना के अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में भी वंशवाद ने पैर पसार लिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर अमित शाह के साथ सेटिंग कर टिकट हथियाने का आरोप लगाया था। इस पर  इंदौर-3 सीट पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे भाजपा नेता गोविंद मालू ने फेसबुक पर उषा के खिलाफ कटाक्ष किया।  मालू ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा है कि यही प्राकृतिक न्याय है। पिछले 2013 के चुनाव में उन्होंने मेरे (मालू) साथ ऐसा ही किया था, जब वे इंदौर-3 से प्रत्याशी बनाई गईं। तब तो मैंने कुछ नहीं कहा।

इस पोस्ट पर उन्होंने 2013 में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान मालू समर्थकों और उषा ठाकुर समर्थकों के बीच मारपीट का मामला भी उठाया। उन्होंने लिखा कि जिम्मेदार पदाधिकारी को अपनी उचित और अनुचित बात को सार्वजनिक ना कह कर उचित फोरम पर कहनी चाहिए। उन्हें नेचुरल क्लेमेंट पर हुआ अन्याय नहीं दिखता जो 2013 में उन्होंने खुद मेरे साथ किया, मैंने तब भी नहीं रिएक्ट किया जब मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान हमारे कार्यकर्ताओं को अकारण मारा गया और यात्रा बिगाड़ने की कोशिश की। फिर भी उन्होंने अपनी सभी बात उचित फोरम पर आक्रामक, बेबाक,तथ्यपरक रूप से व्यक्त की जिससे नेतृत्व सहमत भी हुआ।लोग पद और टिकट दोनों ले लेते हैं और फिर भी दुखी होते हैं। ऐसे लोग ही सैबोटेज (भितरघात) करते हैं। बयान बाजी करते हैं। बगावत करते हैं। क्या टिकट लेने वालों को लगातार अनुशासन हीनता करने का परमिट मिला है। 

ऊषा ठाकुर का दर्द 

दरअसल, सोशल मीडिया पर उषा ठाकुर का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें पार्टी द्वारा विधानसभा क्षेत्र बदलने पर उनका दर्द छलकता हुआ दिखाई दे रहा था। वीडियो में उषा ठाकुर महू के कुछ वरिष्ठ लोगों से बात करते हुए नजर आ रही थी कि राजनीति मेरा विषय नहीं है। मैंने कमीशन के लिए राजनीति नहीं की। आप सब जानते हैं कि मुझे सांठगांठ के तहत नहीं भेजा गया। ज�� वंशवाद का ग्रहण कांग्रेस को था, वही अब बीजेपी को भी लगा गया है। हाल ही उन लोगों को भेज दिया जिनको कोई जानता नही, जिसकी कोई पहचान नहीं, लेकिन परिवारवाद के चलते उन्हें राजनीति में उतार दिया गया। उषा ठाकुर ने कहा था कि पार्टी अध्यक्ष को सेट कर मेरा विधानसभा क्षेत्र ही बदल दिया गया। नंबर 3 से मुझे महू भेज दिया। यह राजनीतिक अन्याय है।

महदेले बोलीं- बेवजह छोड़नी पड़ी सीट

रविवार को मंत्री कुसुम महदेले ने ऊषा ठाकुर के बयान का समर्थन किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘ऊषाजी, आपके साथ अन्याय हुआ है। बेवजह आपको अपनी विधानसभा इंदौर-3 छोड़कर महू जाना पड़ा। हमें आपके प्रति सहानुभूति है।” पन्ना से अपने टिकट कटने से महदेले नाराज चल रहीं हैं।

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