अब वकीलों को नहीं पहनना पड़ेगा काला कोर्ट

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भोपाल। पूरे प्रदेश में पड़ रही भीषड गर्मी के कारण अब वकीलो को अगले तीन महीने के लिए जिला न्यायालयों और निचली अदालतों में पैरवी के दौरान काला कोट पहनना नही पड़ेगा। इस सोमवार से ये छूट लागू भी हो गई है। दरअसल गर्मी के समय काले रंग में बहुत अधिक गर्मी लगती है। जिस कारण अधिवक्ताओं को पसीने और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिये कुछ समय के लिए इस पेशेवर परिधान के नियम-कायदों में ढील देते हुए यह फैसला किया गया है। 15 जुलाई तक यह निर्णय प्रदेश के सभी न्यायालयों में प्रभावी रहेगा। हालांकि मध्य प्रदेढ़ के एक लाख वकीलों को अगले तीन महीनों के लिए काला कोट पहनने से छूट तो मिल गई है, लेकिन इस अवधि के दौरान उन्हें अदालत में पैरवी के वक्त पहले की तरह सफेद शर्ट और इसके साथ काला या सफेद या ग्रे रंग का धारीदार पैंट पहनना होगा और गले में एडवोकेट बैंड भी लगाना अनिवार्य होगा।

बता दे कि इस तरह की छूट मध्यप्रदेश के जिला न्यायालयों में मिली है। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में ऐसी कोई छूट नही मिली है। गर्मियों में वकीलों को काले कोट से राहत देने के लिए राज्य अधिवक्ता परिषद ने आधिकारिक आदेश जारी किया है। साथ ही ये भी आदेश दिए गए हैं कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में पैरवी के वक्त राज्य के अधिवक्ताओं को काला कोट पहनना अनिवार्य है।