सरकार की बिना अनुमति के कहीं भी हीरा बेच सकेंगी कंपनियां

-Companies-will-be-able-to-sell-diamonds-anywhere-without-government-permission

भोपाल। प्रदेश के छतरपुर जिले में हीरा खनन खदान नीलाम करने के लिए मप्र सरकार ने दो नई शर्त जोड़ दी है। जिसके तहत हीरा खनन कंपनियां सरकार की बिना अनुमति के दुनिया के किसी भी हिस्से में हीरे का निर्यात और विक्रय करने के लिए स्वतंत्र होंगी। हालांकि अन्य शर्त यह होगी कि हीरे की नीलामी मप्र में ही की जाएगी। पूर्व में हीरे की नीलामी प्रदेश के बाहर करने की शर्त थी। कमलनाथ कैबिनेट ने हीरा खदान नीलाम करने की मंजूरी दे दी है। 

मंत्रि-परिषद ने छतरपुर में रकबा 364 हेक्टेयर (वन भूमि) क्षेत्र में स्थित हीरा खदान को नीलाम करने का निर्णय लिया। इस क्षेत्र में 34.20 मिलियन कैरेट हीरा खनिज के भण्डार आंकलित किये गये हैं। इसका अनुमानित भण्डारण मूल्य 60 हजार करोड़ रुपये है। इसका आधार आईबीएम द्वारा हीरा खनिज का प्रकाशित विक्रय मूल्य है। नीलामी में मध्यप्रदेश राज्य के हित में दो नई शर्तें जोड़ी गयी हैं। इसमें प्रथम नीलामी मध्यप्रदेश में ही की जाने और प्रथम नीलामी के बाद पट्टाधारी कहीं भी निर्यात एवं विक्रय करने के लिये स्वतंत्र रहेगा शामिल है। खनिज विभाग को नीलामी की कार्यवाही शुरू करने एवं केन्द्र शासन से आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त करने के लिये अधिकृत किया गया है।

3 प्रतिशत महंगाई भत्ता मंजूर

राज्य कैबिनेट ने शासकीय सेवकों, स्थाई कर्मियों, पंचायत सचिवों एवं पेंशनर्स/परिवार पेंशनर्स के सातवें वेतनमान में महंगाई भत्ते/राहत में एक जनवरी, 2019 से 3 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 7 लाख शासकीय सेवक एवं 4.5 लाख पेंशनर्स लाभान्वित होंगे। एक जनवरी से 30 मार्च तक की बढ़ी हुई राशि सामान्य भविष्य-निधि खाते में जमा की जायेगी। माह मई, 2019 के वेतन से नगद भुगतान किया जायेगा। इससे राज्य सरकार पर 1647 करोड़ रुपये वार्षिक व्यय भार संभावित है। मंत्रि-परिषद ने पेंशनरों/परिवार पेंशनरों को महँगाई राहत में वृद्धि के आदेश मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन की सहमति की जरूरत को भी समाप्त करने का निर्णय लिया।

ओबीसी आरक्षण 27 फीसदी करने का प्रस्ताव मंजूर

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित-जातियों, अनुसूचित-जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिये आरक्षण) संशोधन अध्यादेश-2019 का अनुसमर्थन किया। इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है।